गलत इलाज के चलते आज फिर गई दस वर्षीय मासूम बच्चे की गई जान ।

सीतापुर राकेश पाण्डेय। मुख्यमंत्री लगातार झोलाछाप डॉक्टरों अप्रशिक्षित चिकित्सकों एवं अवैध रूप से संचालित अस्पतालों के विरुद्ध कार्यवाही करने के लगातार निर्देश दे रहे हैं उसके बावजूद जिम्मेदारों के संरक्षण में अप्रशिक्षित चिकित्सकों के द्वारा लगातार आम जनता का दोहन करने के उद्देश्य से अस्पताल संचालित किये जा रहे हैं जिससे लोग असमय काल के गाल में समाते चले जा रहे हैं, घटना के कुछ समय तक तो हो हल्ला होता है उसके बाद स्थिति सामान्य हो जाने पर पुनः ऐसे चिकित्सक अपना धंधा चमकाने लगते हैं।आज फिर डॉक्टर के गलत इलाज के चलते एक मासूम को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। मासूम की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
जानकारी के अनुसार जिले के थाना हरगांव क्षेत्र के अन्तर्गत स्थित ग्राम सरावां निवासी मुसाफिर पुत्र जान मोहम्मद ने थाना कोतवाली लहरपुर पुलिस को प्रार्थना पत्र देते हुए आरोप लगाया कि उसने अपने दस वर्षीय पुत्र समीर उर्फ मुलायम को हल्की फुल्की बीमारी के चलते लाइफ क्लिनिक मोहल्ला सिनेमा रोड चौपड़ी टोला के वहां डॉ०नजमुद्दीन को दिखाने आया था। दिखाने के बाद डॉ० नजमुद्दीन ने लड़के को भर्ती कर लिया और इलाज के नाम पर पहले ही पैसे भी जमा कराते हुए इलाज प्रारम्भ कर दिया।
मृतक के परिजन ने बताया कि कुछ समय बाद डॉ०नजमुद्दीन आये और कहा कि आपका बच्चा स्वस्थ है यह कहकर वह पुनः चले गए। इस दौरान अस्पताल में तैनात अन्य कर्मियों ने पुनः बोतल व इंजेक्शन लगाते हुए फिर से इलाज चालू कर दिया।
बताते हैं इसी दौरान अस्पताल में भर्ती लड़के की हालत बिगड़ती गई और हाथ पैर में ऐंठन होने लगा तो वहां पर मौजद कर्मियों से कहा गया तो उन कर्मियों ने कहा कि अपने मरीज को कहीं और लेकर चले जाओ और जबरन मेरे लड़के को इधर-उधर खींचने लगे।इसी बीच गलत इंजेक्शन व गलत दवा देने से मेरे लड़के की मृत्यु हो गई।
दस वर्षीय मासूम की मौत के बाद उपजे आक्रोश को देखते हुए आनन फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लहरपुर के अधीक्षक डॉ० अरविन्द बाजपेई व उनकी टीम ने अस्पताल को सीज़ कर दिया।