वन माफिया बेखौफ होकर चला रहे हरियाली पर आरा, जिम्मेदार मौन

अनिल कुमार द्विवेदी
बी न्यूज दैनिक
गोण्डा। जहां एक ओर सरकार पर्यावरण को संरक्षण प्रदान करने के लिए हर जतन कर रही है। ताकि पर्यावरण संतुलन बना रहे। जिसको लेकर सरकार पानी की तरह रुपए बहाकर लगातार वृक्षारोपण एवं जागरूकता अभियान चला रही है। ग्रीन यूपी, क्लीन यूपी बनाने के लिए सरकार सभी से वृक्षारोपण करने की अपील कर रही है। वहीं दूसरी ओर वन विभाग की उदासीनता के चलते वन माफिया बेखौफ होकर हरियाली पर आरा चला रहे हैं।
चर्चा है कि वन विभाग के कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों की साठ-गांठ से वन माफिया बेखौफ होकर प्रतिबंधित हरे पेड़ो पर आरा चला रहे हैं। जिसका जीता जागता उदाहरण कटरा वन रेंज के पेड़ारे गढ़वा गांव में देखने को मिला है जहां बगैर अनुमति दर्जनों हरे सागौन के पेड़ो की कटाई की गई, वन विभाग जान कर भी अंजान बना रहा। लकड़कट्टे गांव के उत्तर तरफ डामर रोड किनारे स्थिति खेत के मेढ़ पर लगे करीब 4 दर्जन सागौन के पेड़ों को काटकर उठा ले गए। जिसकी शिकायत ग्रामीणों द्वारा जिला प्रशासन सहित वन विभाग के अधिकारियों से की। खबर है कि वन व राजस्व कर्मी मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल कर वापस चलें गए। मिली जानकारी के अनुसार पेड़ारे गढ़वा गांव से काटे गए दर्जनों हरे सागौन के पेड़ों की लकड़ियां बगल के देवरहना गांव में बने टाल पर डंप की गई है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि धड़ल्ले से हो रही पेड़ों की कटान कहीं ना कहीं वन रक्षकों की संलिप्तता की ओर संकेत करती है। कोविड -19 संकटकाल में पड़े ऑक्सीजन के अकाल के बाद भी हो रही पेड़ों की कटान चिंता का विषय बनी हुई है। इस बाबत वन क्षेत्राधिकारी इमरान खान से विभागीय कार्रवाई की जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो वह स्पष्ट जानकारी देने से बचते नजर आए।