लाइफस्टाइल

ग्रामीण क्षेत्रों में भी पांव प्रसार रही है ब्लडप्रेशर की बीमारी

(सुभाष आनंद-विनायक फीचर्स)
वर्तमान समय में तेजी से बदलते रहन-सहन और खानपान के चलते लोगों का ब्लड प्रेशर लगातार बढ़ रहा है जो गंभीर चिंता का विषय है। खाने पीने के शौकीन लोगों में उच्च रक्तचाप की समस्या लगातार बढ़ रही है, उच्च रक्तचाप के कारण दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ता जा रहा है और अकाल मृत्यु की घटनाएं बढ़ रही है।पहले शहरी अमीरों की बीमारी समझा जाने वाला ब्लड प्रेशर का रोग अब ग्रामीणों को भी अपनी चपेट में ले रहा है।

देश भर में जवान लोगों की बढ़ती मृत्यु की घटनाओं में जिस प्रकार बढ़ोतरी हो रही है उससे चिंताएं बढ़ रही है। ऑल इंडिया मेडिकल इंस्टिट्यूट दिल्ली के मेडिसन विभाग के डॉक्टरों का एक मत से कहना है कि मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में उच्च रक्तचाप को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए और ना ही लोगों को जागरूक किया जा रहा है,जिससे भविष्य में लोगों के हृदय रोग के शिकार होने की संभावनाएं बढ़ती जा रही हैं।
एक सर्वे के अनुसार पंजाब में 45 से 60 वर्ष की आयु में उच्च रक्तचाप की समस्या सबसे अधिक पाई जाती थी लेकिन अब कुछ वर्षों से जवान लोगों को भी उच्च रक्तचाप की समस्या से घिरे हुए देखा गया है। लॉगगिट यूडिट एजिग स्टडी ऑफ़ इंडिया की ओर से प्रकाशित शोध पर आई एम ई (एस) ने पुन: शोध किया और दोबारा उच्च रक्तचाप की बढ़ती समस्या पर चिंता प्रकट की है। उन्होंने बताया कि पंजाब में 60 फीसदी से ज्यादा लोग हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं।

शोधकर्ताओं ने बताया कि अनियमित लाइफस्टाइल इसका मुख्य कारण है,इसके साथ और भी कई कारण है जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है जैसे शराब का सेवन ,घी-तेल ,तले भुने खाने का अधिक सेवन ,फास्ट फूड का प्रयोग ,खेती में स्प्रे का बढ़ता चलन इत्यादि। पिछले कुछ दिनों में 45 वर्ष की उम्र वालों में हाई ब्लड प्रेशर सबसे ज्यादा बढ़ा है। 40 प्रतिशत लोगों में उच्च रक्तचाप से पहले वाले लक्षण मौजूद होते हैं, इसी कारण दिल के दौरे और स्ट्रोक होने का लोगों में ज्यादा खतरा है। पूरे भारत में स्थिति बहुत गंभीर होती जा रही है। देश भर में खान-पान ठीक ना होने के कारण उच्च रक्तचाप के रोगियों में लगातार वृद्धि होती जा रही है।
कुछ डॉक्टरों का मानना है कि महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में उच्च रक्तचाप की समस्या ज्यादा पाई जाती है। ऑल इंडिया मेडिकल इंस्टिट्यूट नई दिल्ली के डिपार्टमेंट आफ कम्युनिटी मेडिसन एवं स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ में तैनात डॉक्टरों की टीम का कहना है कि 15 से 49 वर्ष के आयु वर्ग में पुरुष उच्च रक्तचाप का प्रसार बराबर आयु की महिलाओं की तुलना में अधिक है। उन्होंने बताया कि 45 प्रतिशत भारतीय वयस्क उच्च रक्तचाप से ग्रस्त मिले जबकि 30 फीसदी को निदान और नियंत्रण के अभाव से उच्च रक्तचाप था। उच्च रक्तचाप से पीड़ित युवा और उम्रदराज आबादी दोनों के साथ हमारे सामने एक बड़ा स्वास्थ्य संकट मौजूद है। शोध में पाया गया है कि 60 वर्ष से अधिक आयु वाले बुजुर्गों का वजन कम है।

ऐसे में देखा जाए तो अपने आप को सुरक्षित रखने के लिए कुछ सावधानियां बरतनी पड़ेगी ,बदलते मौसम में बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है, लोगों को फास्ट फूड से परहेज करना चाहिए और सुबह शाम लंबी सैर की आदत डालना जरूरी है ,यदि आप उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए और नियमित दवाई का सेवन करना भी चाहिए।

उच्च रक्तचाप के कारणों पर नजर डाली जाए तो साफ स्पष्ट है कि लोगों ने मेहनत वाला काम करना छोड़ दिया है , महिलाएं भी अब घरों के काम में रुचि नहीं लेती। पहले कपड़े धोने, पानी भरने जैसे मेहनत वाले काम महिलाएं किया करती थी जिससे उनका पर्याप्त व्यायाम हो जाता था। पुरुष भी काम पर पैदल या साइकिल से जाया करते थे।यह काम अब कम होने लगे हैं । लोगों में शराब की लत पहले से ज्यादा बढ़ रही है । पहले लोग दूध ,लस्सी, मक्खन खाया करते थे लेकिन अब यह गांव में भी लुप्त होता जा रहा है,इसी कारण अब यह बीमारी घर घर में दस्तक दे रही है ।(विनायक फीचर्स)

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