चंचल जी महराज ने प्रस्तुत की भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की मनमोहक कथा,झूमते रहे श्रद्धालु

अनिल कुमार द्विवेदी
बी न्यूज दैनिक
गोंडा। जिले के तहसील क्षेत्र के विकास खंड कर्नलगंज अन्तर्गत ग्राम करुआ के मजरा पांडेय पुरवा में पांडेय परिवार के तत्वाधान में आयोजित सात दिवसीय संगीतमयी श्रीमद् भागवत कथा में मंगलवार को श्रीकृष्ण जी के जन्म की मनमोहक कथा प्रस्तुत की गई। अयोध्या धाम के चंचल जी महराज के द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की मार्मिक ढंग से कथा प्रस्तुत की गई। मथुरा के राजा कंस का आतंक चरम पर था,उसने अपनी सुरक्षा को लेकर अपनी बहन देवकी व बहनोई वसुदेव को जेल में डाल दिया था। देवकी के सात संतानो को वह मौत की नींद सुला चुका था, आठवें गर्भ की बारी आई तो जेलखाने में त्रिलोकीनाथ श्री हरि विष्णु प्रकट हुए और उनके पूर्व जन्म में की गई तपस्या का बोध कराते हुए उनकी आठवीं संतान के रूप में जन्म लेने की बात कही। उन्होंने बताया कि नंद बाबा के यहां कन्या के रूप में योग माया भगवती ने जन्म ले लिया है। मुझे अपने पुत्र के रूप में स्वीकार करते हुए नंद बाबा के घर पहुंचा दीजिए और वहां से योग माया भगवती को कन्या के रुप में अपने साथ ले आइये। उन्होंने कहा कि मेरे बाल रूप में आते ही सभी पहरेदार सो जायेंगे,हथकड़ी, बेड़ी खुल जाएगी। अब आपको किसी तरह भयभीत होने की आवश्यकता नही है। भगवान के बाल रुप में आते ही सब कुछ वैसा ही होने लगा जैसा उन्होंने कहा था। जिससे माता देवकी व वसुदेव के खुशी का ठिकाना नही रहा। वह भगवान को बालरूप में लेकर नंद बाबा के घर पहुंचे और वहां से योगमाया को लेकर पुनः कारागार में पहुँच गए। उनके वापस पहुंचते ही पहरेदार जग जाग गए और बालिका के जन्म लेने की सूचना राजा कंस को दिये। सूचना पाते ही कंस वहां पहुंचा और देवकी के हाथ से बालिका को छीनकर पटकना चाहा उसी बीच हाथ से छूटकर योगमाया भगवती ने अपने स्वरूप में आते हुए कंस को अवगत कराया की तुम्हे मारने वाला जन्म ले चुका है। इस तरह भगवान के जन्म से जुड़ी एक एक बिन्दु को दर्शाते हुए चंचल जी महराज बड़े ही भक्ति भाव से भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का संगीतमयी कथा के माध्यम से गुणानवाद कर रहे थे। इस बीच स्थानीय कलाकारों ने माता देवकी व वसुदेव जी से जुड़ी मनमोहक झांकी प्रस्तुत की। जिसे देखसुन कर श्रोता भाव विभोर हो रहे थे। भगवान के जन्म के उपरांत विकास पाण्डेय, अनुपम पाण्डेय राष्ट्रीय युवा शक्ति संगठन (जिला अध्यक्ष) ने कथा वाचक चंचल जी महराज, प्रदीप पांडेय, सिपाही लाल पांडेय, नीरज तिवारी को फूलों की माला पहनाकर वस्त्र भेंट करते हुए भव्य स्वागत किया। बैजनाथ पाण्डेय, शिवशंकर पाण्डेय, कमलेश पाण्डेय , सुरेश पाण्डेय, उमेश पाण्डेय, मुकेश, हेमन्त पाण्डेय, सन्तोष, मनीष, विवेक, आनन्द सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।