स्वच्छ वातावरण , हमारे जीवन को स्वच्छ और शुद्ध बनाकर प्रभावित करता है- अभिषेक पाण्डेय

स्वच्छता ही सेवा है के तहत राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक स्वयंसेविकाओं ने चलाया सफाई अभियान
बलराम मौर्य / बालजी हिन्दी दैनिक
अयोध्या धाम l महात्मा गाँधी का सपना था कि सम्पूर्ण भारत को सफाई अभियान के तहत साफ सफाई करके अपने पास पड़ोस को स्वच्छ रखना हमारा नैतिक दायित्व है इसी क्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना का कैम्प मां तिलेसरा देवी पी0जी0 कॉलेज,भसड़ा,टांडा अंबेडकर नगर के राष्ट्रीय सेवा योजना विशेष शिविर (दिन-रात्रि) में स्वयंसेवक/स्वयंसेविकाओं द्वारा आज दिनांक 20/03/2024 दिन बृहस्पतिवार को कार्यक्रमाधिकारी डॉ0 शिवानी श्रीवास्तव (प्रथम इकाई) अभिषेक पांडेय (द्वितीय इकाई) एकता सिंह,अर्जुन प्रसाद, अभिषेक राजभर, ममता, लक्ष्मी भारती आदि प्राध्यापक /प्राध्यापिकाओं की देख-रेख में चयनित ग्राम भसड़ा व पहाड़पुर में स्वच्छता कार्यक्रम चलाया गया ।सभी स्वयंसेवक स्वयंसेविकाओं ने साफ-सफाई हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण पहलू है यह हमारे जीवन की प्राथमिकता भी है स्वच्छता जरूरी है क्योंकि साफ-साफ सफाई से हम जीवन में आने वाले कई परेशानियों से मुक्ति पा सकते हैं महात्मा गांधी जी ने भी कहा था कि “स्वच्छता ही सेवा है”हमारे देश के लिए और हमारे जीवन में स्वच्छता की बहुत जरूरत है गंदगी हमारे आसपास के वातावरण और जीवन को प्रभावित करती है हमें व्यक्तिगत व आसपास भी सफाई अवश्य रखनी चाहिए और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए के कर्तव्यों का पालन करते हुए स्वयंसेवक स्वयंसेविकाओं ने गांव की गलियों में साफ-सफाई किया। बौद्धिक कार्यक्रम में कार्यक्रमाधिकारी डॉ0 शिवानी श्रीवास्तव ने स्वयंसेवक/स्वयंसेविकाओं को ‘नशा उन्मूलन ‘पर विस्तृत चर्चा करते हुए बताया कि हम सभी को नशा मुक्त समाज की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए ।यदि हमारे आसपास कोई व्यक्ति नशे की लत से जूझ रहा है तो हमें उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। नशा समाज के लिए एक अभिशाप है यह एक ऐसी बुराई है जिससे इंसान का अनमोल जीवन समय से पहले ही मौत का शिकार हो जाता है नशा किसी भी पदार्थ का लेकिन इन जहरीले और नशीले पदार्थों के सेवन से व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक हानि पहुंचाने के साथ ही इससे सामाजिक वातावरण भी प्रदूषित होता ही है। दुर्व्यसन से आज स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों से लेकर बड़े, बुजुर्ग और विशेष कर युवा वर्ग बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं इस अभिशाप से समय रहते मुक्ति पा लेने में ही मानव समाज की भलाई है। इसके अलावा स्वयंसेविका वंदना वर्मा, मीना कुमारी, दीपशिखा, रीना वर्मा व स्वयंसेवक सूरज, शनिदेव, सचिन आदि ने अपने-अपने विचार नशा उन्मूलन पर दिए और भविष्य में नशा न करने की शपथ भी ली।