आयुक्त ने नन्दा इंस्टीट्यूट बहराइच द्वारा किए गए डीफार्मा छात्रों के साथ फर्जीवाड़े की डीएम को सौंपी जांच

सिंघानिया के नाम एडमिशन दूसरे यूनिवर्सिटी का दे रहे सर्टिफिकेट
अनिल कुमार द्विवेदी
बी न्यूज दैनिक
गोण्डा। बहराइच जिले के नानपारा रोड, तैबाजोत स्थित नन्दा इंस्टीट्यूट द्वारा डिग्री न दिए जाने से करीब 07-08 माह पूर्व छात्रों द्वारा धरना प्रदर्शन किए जाने के बाद प्रशासन द्वारा जांच कराए जाने के बाद भी अभी तक कार्यवाही न होने से जिला प्रशासन के कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं। विदित हो कि वर्ष 2021 में डीफार्मा डिग्री हेतु भारी भरकम शुल्क जमा करने के बाद भी इंस्टीट्यूट द्वारा बगैर रोल नम्बर के मार्कशीट, व प्रोविजनल सर्टिफिकेट देकर संतुष्ट करने का खेल तो चलने के साथ साथ पीसीआई लखनऊ से ग्रीनकार्ड दिलाने हेतु छात्रों को आश्वासन पर आश्वासन देकर गुमराह किया जा रहा है। इंस्टीट्यूट के कार्यशैली से परेशान होकर छात्र द्वारा कानून का सहारा लेने के साथ साथ अन्य छात्रों को भी व्हाट्सएप के माध्यम से जगाने का प्रयास किया गया। जिससे तिलमिलाए इंस्टीट्यूट के 02 गुर्गों द्वारा दूरभाष पर छात्र को धमकियां दी गई। जिसके फलस्वरूप दोनों गुर्गों के विरुद्ध बीएनएस की सुसंगत धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत हो चुका है। इतना ही नही आयुक्त देवीपाटन मंडल गोण्डा शशि भूषण लाल सुशील द्वारा प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए पत्रांक 1916 दिनांक-26.9.2024 को जिलाधिकारी मोनिका रानी को जांच सौंपते हुए नन्दा इंस्टीट्यूट द्वारा वर्ष 2021 के छात्रों को दी गई बगैर रोल नम्बर की मार्कशीट व प्रोविजनल सर्टीफिकेट के क्रम में नियमानुसार कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था परन्तु 06 माह बाद भी कार्यवाही नही हुई। छात्र द्वारा हैरान परेशान होकर दिनांक 04 अप्रैल 2025 को पुनः आयुक्त के समक्ष शिकायती पत्र देकर चेयरमैन दिनेश वर्मा व साजिश में सहयोगी प्रिंसिपल सुरेन्द्र सिंह के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की गई है।