डॉ. शालिनी शर्मा ‘मुक्ता’ के काव्य संग्रह ‘तीखे आखर’ का विमोचन

21 साहित्यकार हुए सम्मानित
बरेली । अखिल भारतीय काव्यधारा बरेली मंडल के तत्वावधान में स्थानीय खुश्लोक सभागार में पुस्तक विमोचन, कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता काव्यधारा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ साहित्यकार जितेंद्र कमल आनंद ने की। मुख्य अतिथि मशहूर शायर विनय सागर जायसवाल रहे तो वहीं विशिष्ट अतिथिगण डॉ. शिव शंकर यजुर्वेदी, डॉ. नितिन सेठी, रणधीर प्रसाद गौड़ धीर एवं प्रदीप राजपूत माहिर रहे। इस अवसर पर कवयित्री शालिनी शर्मा मुक्ता के काव्य संग्रह ‘तीखे आखर’ का विमोचन मंचासीन अतिथियों ने किया।
द्वितीय सत्र में साहित्यिक क्षेत्र में अविस्मरणीय योगदान के लिए विनय सागर जायसवाल को काव्य महारथी, डॉ शिव शंकर यजुर्वेदी को काव्य महारथी, डॉ. नितिन सेठी को काव्य धारा काव्य महारथी,, राजबाला धैर्य को काव्य धारा सुधा, डॉ. शालिनी शर्मा मुक्ता को काव्यधारा सुधा, राज शुक्ल गजलराज को काव्य धारा काव्यरथि एवं डॉ शरद अग्रवाल को काव्य धारा काव्यरथि सम्मान सहित नगर एवं बाहर के 21 साहित्यकारों को कार्यक्रम अध्यक्ष जितेंद्र कमल आनंद, बरेली मंडल अध्यक्ष डॉ. महेश मधुकर एवं महासचिव उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट के द्वारा शाॅल ओढ़ाकर, प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान करके सम्मानित किया गया।
तृतीय सत्र में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें कवियों ने अपने सरस काव्य पाठ से खूब वाहवाही लूटी
डॉ शालिनी शर्मा मुक्ता ने अपनी रचना इस प्रकार प्रस्तुत की-
सिर्फ स्याही से कहाॅं चलती है कलम
ऑंखों में नमी दिल में जज़्बात जरूरी है
मेरे गीतों में तू तेरी बात जरूरी है।
गीतकार उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट ने अपना गीत के माध्यम से कहा कि-
कितना अच्छा हो ऐसी भी एक घड़ी आए
जल में मछली कूद- कूदकर बगुले को खाए।
राजबाला धैर्य ने प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन अपनी कविता में इस प्रकार किया-
संग हवा के फसलें झूमे
सुमन खिले हैं क्यारी, बगिया
आम, नीम, बरगद और पीपल
महक रहा है शीतल चंदन।
कार्यक्रम में बरेली मंडल अध्यक्ष डॉ महेश मधुकर, राजबाला धैर्य, रणधीर प्रसाद गौड़ धीर, प्रदीप राजपूत माहिर, राजवीर सिंह राज,दीपक मुखर्जी दीप, राधा सिंह, मीता गुप्ता, रश्मि दुबे, रेनू बाधवा, सुभाष रावत राहत बरेलवी, ध्रुव कुमार निर्भीक, रामकुमार अफरोज, एस.के. कपूर, लक्ष्मेश्वर राजू, राजकुमार अग्रवाल, प्रकाश निर्मल, ए.के. सिंह तन्हा, राम शंकर शर्मा प्रेमी, रामस्वरूप गंगवार, अभिजीत अभि एवं रितेश साहनी आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन राजशुक्ल ग़ज़ल राज ने किया ।