लोकतंत्र विजय दिवस पर डॉ उमेश गौतम बोले लोकतंत्र सेनानी अन्याय के खिलाफ बुलंद करें अपनी आवाज

बरेली। लोकतंत्र की रक्षा करने में आपातकाल के योद्धाओं ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह कहना है महापौर डॉक्टर उमेश गौतम का। वे शुक्रवार को सिविल लाइन स्थित लाइंस विद्या मंदिर के सभागार में लोकतंत्र विजय दिवस पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आवाहन किया कि आज के दौर में लोकतंत्र सेनानी अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज को बुलंद करें। उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि आज भी अधिकांश लोग अध्याय के खिलाफ चुप्पी साथ जाते हैं। डॉ उमेश गौतम ने बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर और बदायूं से आए लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर बतौर मुख्य वक्ता प्रदेश महामंत्री वीरेंद्र कुमार अटल ने कहा कि आपातकाल की पटकथा 12 जून 1975 को इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्णय द्वारा लिख दी गई थी। तानाशाही के खिलाफ और लोकतंत्र की बहाली के लिए आपातकाल योद्धाओं को 2006 में तत्कालीन प्रदेश सरकार ने लोकतंत्र रक्षक सेनानी का नाम, मान और सम्मान दिया था। उन्होंने आवाहन किया लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को इमरजेंसी के काले अध्याय से वर्तमान युवा पीढ़ी को परिचित कराना चाहिए। इस अवसर पर प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ अरुण कुमार ने कहा कि लोकतंत्र रक्षक सेनानियों के हित में मुख्यमंत्री से वार्ता की जाएगी। वे लोकतंत्र विजय दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम संयोजक विनोद कुमार गुप्ता ने अपील करते हुए कहा की सभी लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को अपने सामाजिक और राजनीतिक जिम्मेदारी वर्तमान परिस्थितियों में भी निभानी चाहिए। इससे पूर्व वेद प्रकाश वर्मा , सतीश शर्मा, राजेंद्र बहादुर चौधरी, विनोद कुमार गुप्ता, हरिप्रसाद सिंह पटेल,डॉ वीरेंद्र कुमार, सुमंत महेश्वरी, राजेंद्र पाल सिंह ने महापौर डॉक्टर उमेश गौतम प्रदेश में मंत्री डॉ अरुण कुमार का गर्म जोशी से स्वागत किया। लोकतंत्र विजय दिवस के अवसर पर अश्वनी कुमार, शाहजहांपुर के राधा कृष्ण, अशोक शम्स , रामप्रकाश शर्मा, डॉ वीरेंद्र कुमार, डॉ योगेश मिश्रा, अरुण कुमार श्रीवास्तव, महेश सक्सेना, बाबूराम गंगवार, ने भी विचार व्यक्त किया। जिला अध्यक्ष राजेंद्र बहादुर चौधरी ने आभार व्यक्त किया।