स्वयंप्रभा चैनल से सुदूरवर्ती शिक्षार्थियों तक पहुंच आसान- प्रोफेसर सत्यकाम

प्रयागराज ०३ मार्च
बीके यादव/ बालजी दैनिक
उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज में गुरुवार को सेंटर फॉर ऑनलाइन एजुकेशन के तत्वावधान में स्वयंप्रभा के लिए वीडियो सामग्री विकसित करने पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। उन्होंने विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों से अपेक्षा की कि वे कम से कम एक-एक वीडियो लेक्चर अवश्य तैयार करें। साथ ही शिक्षकों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि स्वयंप्रभा के लिए विषयवस्तु तैयार करते समय वे अन्य विषय विशेषज्ञों की मदद ले सकते हैं। इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि यूजीसी से 12 बी की मान्यता मिलने के बाद शिक्षकों के लिए विकास के नए अवसर सामने आ गए हैं। जिसका उन्हें पूरा लाभ उठाना चाहिए।इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय,नई दिल्ली से आए रिसोर्स पर्सन एवं मुख्य वक्ता डॉ निराधर डे ने स्वयंप्रभा से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तार पूर्वक चर्चा की। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि स्वयंप्रभा की शुरुआत डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के अंतर्गत 9 जुलाई 2017 को शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा की गई।उन्होंने कहा कि स्वयंप्रभा पर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 40 चैनल उपलब्ध हैं और इन 40 चैनलों द्वारा लगभग 120600 वीडियो लेक्चर्स विभिन्न शैक्षणिक विषयों पर अपलोड किए गए हैं। मुक्त विश्वविद्यालयों के लिए स्वयंप्रभा पर शैक्षणिक वीडियो सामग्री चैनल नंबर 14 पर प्रसारित किया जाता है। स्वयंप्रभा के नोडल अधिकारी प्रोफेसर ए के मलिक ने सभी अतिथियों का वाचिक स्वागत किया तथा आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के बारे में विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन डॉ ज्ञान प्रकाश यादव तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ दिनेश कुमार गुप्ता ने किया।
कार्यशाला के द्वितीय सत्र में रिसोर्स पर्सन एवं विशिष्ट वक्ता डॉ ज्योत्सना दीक्षित, अपर निदेशक,एनसीआईडीई,इग्नू , नई दिल्ली ने अपने वक्तव्य में स्वयंप्रभा पर वीडियो सामग्री के लिए शैक्षणिक योजना के अंतर्गत पीपीटी के माध्यम से वीडियो सामग्री निर्माण, उसके प्रकार और उससे निकलने वाले परिणामों के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर की गयी। कार्यशाला का समापन शुक्रवार को होगा।