उत्तर प्रदेशप्रयागराज

विशेषज्ञों ने स्वयंप्रभा के लिए स्क्रिप्ट, रिकॉर्डिंग एवं एडिटिंग के टिप्स दिए

मुक्त विश्वविद्यालय में दो दिवसीय कार्यशाला का समापन

प्रयागराज 4/4/2025
बीके यादव/बालजी दैनिक

उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज में सेंटर फॉर ऑनलाइन एजुकेशन द्वारा डेवलपिंग वीडियो कंटेंट फॉर स्वयंप्रभा विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुक्रवार को समापन हो गया। समापन सत्र की अध्यक्षता करते हुए कुलपति आचार्य सत्यकाम ने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए स्वयंप्रभा के लिए शैक्षणिक वीडियो सामग्री तैयार करने तथा अन्य विषय विशेषज्ञों का सहयोग लेने की बात कही। अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा कि स्वयंप्रभा पर तैयार शैक्षणिक वीडियो लेक्चर शिक्षकों के करियर संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इग्नू से आए रिसोर्स पर्सन डॉ ज्योत्सना दीक्षित और डॉ निराधर डे ने वीडियो आधारित शिक्षण सामग्री के महत्व और उसकी बढ़ती मांग पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात प्रतिभागियों को कंटेंट डेवलपमेंट की मूलभूत प्रक्रियाओं से परिचित कराया गया एवं प्रतिभागियों को विषयवस्तु के अनुसार स्क्रिप्ट तैयार करने की प्रक्रिया, रिकॉर्डिंग तकनीक एवं एडिटिंग के बारे में विस्तार से बताया गया। सभी प्रतिभागियों ने व्यावहारिक रूप से स्क्रिप्ट लिखी, परिचयात्मक वीडियो रिकॉर्ड किया तथा संपादित कर प्रसारित भी किया। इस प्रक्रिया में उन्हें रचनात्मकता और तकनीकी कौशल दोनों के प्रयोग का अवसर मिला।
इससे पूर्व द्वितीय दिवस का आयोजन छठे सत्र से प्रारंभ हुआ। जिसका विषय “वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए सामग्री विकसित करने पर व्यावहारिक सत्र” रहा । इस सत्र का उद्देश्य प्रतिभागियों को डिजिटल शिक्षा और प्रशिक्षण सामग्री तैयार करने में दक्ष बनाना था। सेंटर फॉर ऑनलाइन एजुकेशन के निदेशक प्रो ए के मलिक ने प्रभावी वीडियो एवं विषय वस्तु निर्माण के बारे में बताया। इस अवसर पर सेंटर फॉर ऑनलाइन एजुकेशन के उप निदेशक डॉ सी के सिंह एवं सहायक निदेशक डॉ साधना श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात चंद मिश्र ने बताया कि सत्र के अंत में प्रतिभागियों को उनके कार्यों के आधार पर प्रतिक्रिया दी गई । प्रतिभागियों ने इस सत्र को अत्यंत लाभकारी और प्रेरणादायक बताया। सातवें सत्र में स्वयं प्रभा के लिए कंटेंट डेवलपमेंट पर प्रतिभागियों द्वारा अपनी प्रतिक्रिया दी गई। प्रतिभागियों ने बताया कि कंटेंट डेवलपमेंट की प्रक्रिया को सरल और स्पष्ट रूप से समझाया गया। प्रतिभागियों ने इस बात की सराहना की कि तकनीकी पक्ष (जैसे वीडियो एडिटिंग, स्क्रिप्ट लेखन, फॉर्मेटिंग) को भी विस्तृत रूप से प्रस्तुत किया गया साथ ही साथ हैंड्स-ऑन सत्र और समूह चर्चा को उपयोगी बताया गया, जिससे उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुए। आठवें सत्र में प्रतिभागियों द्वारा ऑडियो-विजुअल लैब में वीडियो रिकॉर्ड किए गए। नवें सत्र में प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की। कार्यक्रम का संचालन डॉ ज्ञान प्रकाश यादव तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ त्रिविक्रम तिवारी ने किया।

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