कटरा रेंज क्षेत्र में बगैर परमिट चार दर्जन हरे सागौन पेड़ को काट ले गये लकड़कट्टे, जिम्मेदार मौन

उच्चाधिकारियों से शिकायत पर भी नहीं हो रही कार्रवाई,वन विभाग दे रहा अपने तानाशाही का सबूत
अनिल कुमार द्विवेदी
बी न्यूज दैनिक
गोंडा। हम सांस लेते हैं तो हमें आक्सीजन मिलता है और आक्सीजन को पैदा करने वाले हरे भरे पेंड़ व पर्यावरण हैं। जिसके बदौलत हम आप लोगों की जिंदगी निर्भर है। परन्तु जिले में वन विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों से इससे कोई मतलब नहीं है और एक तरफ राजस्व विभाग को भी लाखों का चूना लगाया जा रहा है। आपको बता दें अवैध तरीके से प्रतिबंधित पेड़ो की कटान कटरा रेंज सुर्खियों में है। बताया जाता है कि यहां लकड़कट्टों को परमिट बनवाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। जिसका उदाहरण रेंज क्षेत्र के पेराड़े गढ़वा में देखा जा रहा है। गांव के उत्तर तरफ यानी डामर रोड किनारे खेत के मेंढ़ पर लगे करीब चार दर्जन से अधिक सागौन के पेड़ को बगैर परमिट ठेकेदार काट कर उठा ले गए ।जिसकी भनक स्थानीय अधिकारियों से लेकर रेंजर तक है लेकिन कार्यवाही नहीं हुई। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पेराड़े गढ़वा से काटी गई प्रतिबंधित लकड़ी को देवरहना गांव में डंप किया गया है। कटरा रेंज में लकड़कट्टो की तूती बोल रही है इनका खौफ विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों तक कायम है। जिसका उदाहरण पेराडें गढ़वा में हुई अवैध कटान से देखा जा सकता है। इस संबंध में फारेस्ट कर्मचारी विनय से जानकारी ली गई तो वो समुचित जवाब नहीं दे पाए। वन क्षेत्राधिकारी इमरान भी अपनी जिम्मेदारियों से कतराते नजर आये। वहीं इस सब संबंध में जिलाधिकारी नेहा शर्मा व कंजरवेटर मंडल सहित अन्य अधिकारियों को भी सूचित किया जा चुका है लेकिन कार्रवाई हुई या नहीं यह अभी तक नहीं पता चल सका है,जो एक गंभीर व जांच का विषय है। अब देखना यह होगा कि इस संबंध में कार्यवाही होती है या नहीं?