उत्तर प्रदेशबरेली

विश्व डायबिटीज दिवस पर एसआरएमएस में लगा निशुल्क मधुमेह स्क्रीनिंग कैंप

बरेली। एसआरएमएस मेडिकल कालेज में विश्व डायबिटीज दिवस पर गुरुवार को रैली, नुक्कड़ नाटक और परिचर्चा आयोजित कर लोगों को डायबिटीज से जागरूक किया गया। साथ ही निशुल्क मधुमेह स्क्रीनिंग कैंप में पहुंचे करीब 400 से ज्यादा लोगों का एचबीएवनसी, लिपिड प्रोफाइल, डीएसएच, बीएमडी, यूरिक एसिड, ब्लड शुगर, न्यूरोपैथी और माइक्रोएल्बूमिनूरिया टेस्ट किया गया। इनमें से करीब 75 नए लोग डायबिटीज के मरीज मिले। इन्हें शुगर ज्यादा होने की जानकारी नहीं थी।

मेडिसिन विभाग, कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग की ओर से एपीआई बरेली चैप्टर के साथ आयोजित निशुल्क मधुमेह स्क्रीनिंग कैंप का उद्घाटन एसआरएमएस ट्रस्ट के संस्थापक व चेयरमैन देव मूर्ति जी ने किया। उन्होंने डायबिटीज से संबंधित अपने अनुभव साझा किया और इससे न घबराने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मुझे 1994 में डायबिटीज का पता चला था, तब से 30 वर्ष हो गए डायबिटीज का मरीज हूं। रोजाना 12-14 घंटे काम करता हूं, कभी थकान नहीं होती। डायबिटीज होने के बाद भी आप भी स्वस्थ रह सकते हैं। बस अपना खाना पीना ठीक रखें। समय पर जांच करवाते रहें और खुद इलाज न कर डाक्टर की दी और सही दवाइयां ही खाएं। समय निकाल कर व्यायाम करें, सक्रिय जीवन शैली अपनाएं। डायबिटीज आपके कंट्रोल में रहेगी। सच कहा जाए तो डायबिटीज आपको जीना सिखाती है।

इससे पहले मेडिकल कालेज परिसर में एमबीबीएस के विद्यार्थियों, फैकेल्टी और स्टाफ ने मधुमेह के प्रति जागरुकता रैली निकाली और ओपीडी रजिस्ट्रेशन परिसर के पास एमबीबीएस के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक कर तेजी से बढ़ रही डायबिटीज के प्रति मरीजों और तीमारदारों को सावधान किया। मेडिसिन विभाग के डा.दीपक दास ने हास्पिटल स्थित आडिटोरियम में तीमारदारों को डायबिटीज से जुड़े मिथकों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विश्व में तेजी से फैल रही यह बीमारी हिंदुस्तान में भी हर उम्र के लोगों को अपना शिकार बना रही है। पहले इसे अमीरों की बीमारी माना जाता था लेकिन आज यह निम्न आय वर्ग के लोगों में भी तेजी से फैल रही है। इसके लिए अनियमित और निष्क्रिय दिनचर्या के साथ ही असंतुलित खानपान जिम्मेदार है। फास्टफूड के प्रति बढ़ रही हमारी रुचि भी इस बीमारी के लिए जिम्मेदार है। डा.दास ने फास्टफूड को छोड़ने के साथ ही खाने में नमक का कम से कम इस्तेमाल करने और दालें, सब्जियों को अधिक से अधिक भोजन में शामिल करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सक्रिय जीवनशैली अपनाकर इस बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है। इसके लिए कम से कम 45 मिनट तेजी से चलना बेहद कारगर उपाय है। इस मौके पर एसआरएमएस मेडिकल कालेज के डायरेक्टर आदित्य मूर्ति, प्रिंसिपल एयरमार्शल (सेवानिवृत्त) डा.एमएस बुटोला, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डा.आरपी सिंह, डिप्टी एमएस डा.सीएम चतुर्वेदी, एपीआई बरेली चैप्टर के सेक्रेटरी डा.सचिन अग्रवाल, डीन यूजी डा.बिंदू गर्ग, मेडिसिन विभागाध्यक्ष डा.स्मिता गुप्ता, कम्यूनिटी विभागाध्यक्ष डा.हुमा खान, डा.नीलिमा मेहरोत्रा, डा.एमपी रावल, डा.अभिनव पांडेय मौजूद रहे।

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