उत्तर प्रदेश

खाद्य सुरक्षा अधिकारी के उत्पीड़न से व्यापारियों में रोष

माधौगढ़- योगी सरकार में बेशक कहा जाए कि भ्रष्टाचार मुक्त शासन है लेकिन सही मायने में सरकारी अधिकारी भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने में लगे हुए हैं। माधौगढ़ क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा अधिकारी दुकानदारों को टारगेट कर उनसे उगाही करने में मजबूर हैं। जिनकी सुनवाई के लिए कोई आगे नहीं आना चाहता। खाद्य सुरक्षा अधिकारी न तो नियमों का पालन करते हैं न ही विभागीय निर्देशों का पालन कर रहे हैं। अपनी मनमर्जी से जिस दुकान पर खड़े हो जाते हैं,वहां से उगाही करके आते। खाद्य सुरक्षा अधिकारी को दुकानदार मजबूरी में पैसे देते हैं अन्यथा उन्हें सैंपल के नाम पर डराया और धमकाया जाता है।

ऐसा ही एक मामला गोहन थाना क्षेत्र सरावन गांव का है,जहां फ़ूड सेफ्टी इंस्पेक्टर उमेश यादव ने किराना व्यापारी नकुल सिंह को टारगेट किया। फ़ूड सेफ्टी इंस्पेक्टर इसके पहले भी पैसा मांगने के लिए दो बार आ चुके हैं लेकिन दुकानदार ने तंगी का हवाला देकर अपनी जान बचाई,सिर्फ लाइसेंस के नाम पर दो हज़ार ही दिए। उसके बाद भी लगातार परेशान किया जा रहा। पैसे नहीं दिए तो सैम्पल भर लिया। दुकान घर में ही है,तो उसमें जबरन घुसने को लेकर विवाद हुआ तो खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने एसडीएम को फोन लगाकर पुलिस भेजने को कहा। लेकिन सवाल उठता है कि फ़ूड सेफ्टी इंस्पेक्टर के मन में खोट नहीं था,तो पहले ही पुलिस को लेकर जाते,पर मामला डीलिंग का होता है। दुकानदार से डील नहीं हुई तो सैम्पल भरा जाता है।

पूरे मामले पर व्यापार मंडल मुख्यमंत्री कार्यालय में करेगा शिकायत

लगातार किराना व्यापारियों के उत्पीड़न और उनसे फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर द्वारा उगाही के मामले पर उप्र उद्योग व्यापार मंडल फूड इंस्पेक्टर की शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय में लिखित तौर पर भेजेगा,और उन सभी मामलों के साक्ष्य भी दिए जाएंगे,ताकि यह सपष्ट हो सके कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी कितने भृष्ट हैं?

विधायक ने भी कड़े शब्दों में लगाई फटकार
किराना व्यापारियों के उत्पीड़न की शिकायत पर क्षेत्रीय विधायक मूलचन्द निरंजन ने भी फ़ूड इंस्पेक्टर को फटकार लगाई,पहले उसने विधायक जी का फोन ही नहीं उठाया।

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