जस्टिस तरुण अग्रवाल का निधन

इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश एवं मेघालय हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रहे जस्टिस तरुण अग्रवाल का रविवार को मुंबई में निधन हो गया। वहां सुबह टहलने के दौरान सड़क दुर्घटना में वह घायल हो गए थे। उनके सिर में गंभीर चोट आई थी। घायलावस्था में उन्हें मुंबई के एक हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्हें हार्ट अटैक आया। दो दिन पहले उन्हें वेंटिलेटर पर कर दिया गया, जहां आज उन्होंने अंतिम सांस ली। पूर्व मुख्य न्यायाधीश सतीष चंद्र अग्रवाल के घर में
तीन मार्च 1956 को इलाहाबाद में जन्मे तरुण अग्रवाल ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक व लॉ डिग्री लेने के बाद 1983 में हाईकोर्ट वकालत शुरू की। सात जनवरी 2004 को वह हाईकोर्ट जज बने। वर्ष 2009 में उन्हें उत्तराखंड हाईकोर्ट स्थानांतरित कर दिया गया, वहां वह वर्ष 2012 तक कार्यरत रहे। उस दौरान उन्होंने उत्तराखंड हाईकोर्ट में एक्टिंग चीफ जस्टिस का दायित्व भी निभाया। 2012 में उन्हें वापस इलाहाबाद हाईकोर्ट भेज दिया गया। यहां वह इलाहाबाद हाईकोर्ट की 150वीं वर्षगांठ समारोह की आयोजन समिति के अध्यक्ष रहे।
उन्हें 12 फरवरी 2018 को मेघालय उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के पद पर पदोन्नत किया गया। सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड द्वारा प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण मुंबई का पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया था।स्व अग्रवाल पं कन्हैया लाल मेमोरियल कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष रहे।