महबूबा बनी पत्नी का इनामिया कातिल गिरफ्तार

पत्नी का कत्ल कर शव कमरे में बंद करके फरार हो गया था आशिक
शिवकुमार पाण्डेय गुरूजी/बी न्यूज दैनिक
नवाबगंज/ गोंडा
मिली जानकारी के अनुसार, तीन माह से फरार चल रहे पत्नी के कातिल अभियुक्त को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अभियुक्त को जल्द गिरफ्तार करने के लिए कप्तान गोंडा ने 15000 रुपए का इनाम घोषित किया था। जिस पर नवाबगंज पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद आशिक व अपनी पत्नी के इनामियां कातिल को मय आलाकत्ल चाकू के साथ गिरफ्तार कर लिया है। विवरण के अनुसार बीते अगस्त माह के अन्त नवाबगंज पुलिस को सूचना मिली कि कटरा शिवदयालगंज स्थित एक कमरे से दुर्गन्ध आ रही है। जाकर देखा तो किराये पर रह रही महिला का शव पड़ा था। उक्त सूचना पर तत्काल उच्चाधिकारियों ने घटना स्थल का निरीक्षण किया गया। शव की पहचान के लिए प्रयास किया गया। जिसके क्रम मे रविशंकर पुत्र स्व0 छोटेलाल निवासी ग्राम पकड़ीतर मौजा अब्दालपुर थाना सोराव प्रयागराज ने शव की शिनाख्त अपने पत्नी के रूप में की। मृतक के पति रविशंकर की लिखित तहरीर पर पुलिस ने बीएनएस बनाम अनिल उर्फ मो0अनश के मुकादमा दर्ज किया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अनिल उर्फ मो0 अनश पुत्र मो0 सलमान निवासी ग्राम पुरैनी थाना पिपरी जनपद कौशाम्बी को लोलपुर पुल के पास से गिरफ्तार कर उसके निशानदेही से आलाकत्ल चाकू बरामद कर लिया। पूछताछ के दौरान अभियुक्त ने बताया कि उमा देवी के पति रविशंकर वर्ष 2023 में जेल गये थे। जिससे उमा देवी अपने माँ के घर रहती थी। तभी से उमा देवी के मा के घर आना जाना रहता था। उसी दौरान मेरी मुलाकात उमा देवी से हुई। जहाँ से दोनो में प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। और दोनो शादी करके नवाबगंज के शिवदयालगंज में किराये के मकान में रहकर अयोध्या में मेहनत मजदूरी करते थे। दोनो से 11 माह की एक पुत्री थी। अभियुक्त पहले से शादी शुदा था। जिनसे 03 बच्चे थे अभियुक्त की इच्छा दोनो पत्नी को एक साथ घर पर रखने की थी। परन्तु उमा देवी तैयार नही थी। इस बात को लेकर उमा देवी से अक्सर झगड़ा हुआ करता था। घटना के चार दिन पहले किसी बात को लेकर पुनः झगड़ा हुआ तो अनिल ने उमा देवी का सर दीवार से लड़ा दिया जिससे सर में गम्भीर चोट लग गई थी। ज्यादा गुस्सा होने के कारण पास में रखे चाकू से उमा देवी के पेट में मार दिया। जिससे उमा देवी की मौके पर ही मृत्यु हो गयी। और अपनी 11 माह की बच्ची को लेकर पुलिस से बचने के लिए फरार हो गया । गिरफ्तार करने मे प्रभारी निरीक्षक निर्भय नरायण सिंह, उत्कर्ष कुमार पाण्डेय, देशदीप गिरि, निधि सिंह, नीलू मुख्य रूप से उपस्थित थे।