तीन साल पहले दर्ज कराया गया था हत्या का मुकदमा, लखनऊ से जीवित बरामद की गयी महिला

अनिल कुमार द्विवेदी
बी न्यूज दैनिक
गोण्डा। शहर की जिस महिला की हत्या के आरोप में उसके पति समेत अन्य परिजनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी, वह तीन साल बाद जिंदा मिली। पुलिस व एसओजी टीम ने महिला को लखनऊ के डालीगंज इलाके से जिंदा बरामद कर उसे गोण्डा लायी और यहां वन स्टॉप सेंटर के हवाले कर दिया गया है।
नगर कोतवाली क्षेत्र के ददुआ बाजार के रहने वाले विनय कुमार की शादी 17 नवंबर 2017 को जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र के सेमरा शेखपुरा की रहने वाली 24 वर्षीय कविता के साथ हुई थी। शादी के बाद 4 साल तक दोनों के बीच सब कुछ ठीक-ठाक रहा, लेकिन 5 मई 2021 को कविता अचानक लापता हो गयी। पति विनय कुमार ने कविता के गायब होने की सूचना मायके वालों को फोन कर दी। सूचना के बाद मायके वालों ने 26 मई 2021 को कविता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और उसकी तलाश करने लगे। जब उसका कहीं पता नहीं चला तब एक साल बाद मायके पक्ष के लोगों ने कविता की हत्या का आरोप लगाते हुए उसके पति विनय कुमार, देवर निरंजन व रतन, ननद लाडो और सास कांति के खिलाफ 24 जुलाई 2022 को महिला थाने में दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज करा दिया। मायके वालों की तरफ से हत्या का मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद पति विनय कुमार ने भी 20 दिसंबर 2022 को कविता के भाई अखिलेश बहादुर, रिश्तेदार धर्मेंद्र उर्फ साहिल, अरविंद कुमार, अर्जुन कुमार, मीना देवी व गुड़िया के खिलाफ उसकी पत्नी का अपहरण कर बंधक बनाए जाने की रिपोर्ट दर्ज करा दी। दोनों तरफ से मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद जिले की नगर कोतवाली और महिला थाने की पुलिस पूरे मामले में जांच कर रही थी, लेकिन किसी भी पक्ष के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो सकी थी। इसको लेकर दोनों पक्षों ने हाईकोर्ट में अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की थीं। इस मामले की सुनवाई को लेकर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने नगर कोतवाली पुलिस को तलब किया था। इसके बाद पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने कोतवाली पुलिस से घटना की जानकारी ली और एसओजी व नगर कोतवाली पुलिस टीम को कविता की बरामदगी कर घटना के खुलासे का निर्देश दिया था। एसपी के एक्शन के बाद पुलिस की तफ्तीश रफ्तार पकड़ी और शनिवार की देर शाम तीन साल से लापता कविता को लखनऊ के डॉलीगंज इलाके से जिंदा बरामद कर लिया। कविता को जीवित देखकर दोनों पक्ष के लोगों ने राहत की सांस ली है।