उत्तर प्रदेशगोण्डा

एसओ के आदेश पर भारी पड़ रहा हेडकांस्टेबल, रसूखदारों के इशारे पर करता काम

खलिहान की भूमि पर दबंगों का अवैध कब्जा, गाय बांधकर रास्ते को किया बंद।

वर्षों से एक ही हल्के में जमा है दीवान रावत यादव, क्षेत्र में राजनीति का बन गया हिस्सा

अनिल कुमार द्विवेदी
बी न्यूज दैनिक

गोण्डा। जिले की वजीरगंज पुलिस अब तो सरकारी भूमि पर कब्जे को सही बताते हुये उसे सर्टिफिकेट देने लगी है। यह हम नहीं कर रहे हैं यह तो उस पीड़ित का कहना है,जिसके घर के सामने खलिहान की भूमि पर दबंगों ने अवैध कब्जा कर उसके निकलने के रास्ते पर गाय बांधकर नांदा आदि रखते हुये रास्ता बंद कर दिया है। पीड़ित जब इसकी शिकायत शिकायत करने थाने पर पहुंचा तो,वहाँ मौजूद हल्के के हेडकांस्टेबल जितेंद्र यादव ने उससे तहरीर लेकर पहले उसे आजकल करके टरकाता रहा। इस पर जब पीड़ित ने इसकी शिकायत प्रभारी निरीक्षक से करने की बात की तो बीते शनिवार को मौके पर गये हेडकांस्टेबल ने कहा कि,यह तो उनके कब्जे में है नहीं मान रहे। इस पर जब उनसे कहा गया कि रास्ता खलिहान की भूमि पर है और उस पर गाय आदि बांधी है जिससे वह और उसका परिवार घर से नहीं निकल पा रहा है,उसे ही खाली करवा दें। इस पर सिपाहियों का बड़ा ही हास्यास्पद जवाब था कि वह खाली नहीं करेंगे तुम दूसरे रास्ते से जाओ। बहरहाल उस पक्ष के एक व्यक्ति को दीवान ने अपने कमरे में बुलाकर रास्ते से दो हाथ अपनी तरफ अपनी गाय आदि बाँधने तथा रास्ते को खाली कराने का समझौता करा दिया बावजूद वह नहीं माने। तब पीड़ित थक-हार कर जब किसी तरह प्रभारी निरीक्षक संतोष मिश्रा के पास पहुँचा और अपनी आपबीती बताई तो उन्होंने तत्काल हल्के के हेडकांस्टेबल यादव को बुलाते हुये कहा समझौता तुमने कराया था जाकर इसे रास्ता दिलाओ, लेकिन दीवान रावत वहाँ नहीं गया। दूसरे दिन फिर दुर्गा प्रसाद थाने पहुँचा तो प्रभारी निरीक्षक ने रावत यादव को बुलाकर पूछा और कहा जाकर वहाँ कहो कि रास्ता न अवरुद्ध करे नहीं तो पुलिस कार्रवाई करेगी। बावजूद इसके वह वहाँ नहीं गया। बता दें कि वर्षों से एक ही हल्के में जमा दीवान रावत यादव अब उस क्षेत्र में राजनीति का हिस्सा बन गया है,जो प्रभारी निरीक्षक की नहीं रसूखदारों के इशारे पर काम करता है। इससे वह जहाँ वजीरगंज पुलिस के साथ नवागत ईमानदार प्रभारी निरीक्षक और पुलिस को बदनाम करने का काम कर रहा है। जो न तो क्षेत्र के लोगों के लिये अच्छा है और न ही पुलिसिंग के लिये।

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