उत्तर प्रदेश

पेंशनर्स डिजिटल रूप में जीवित प्रमाण पत्र कोषागार में कर सकते हैं जमा

बीके यादव/ बालजी दैनिक

मुख्य कोषाधिकारी प्रत्यूष कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया है कि कोषागार कार्यालय में अत्यधिक भीड़ हो जाने के कारण पेंशनर्स को जीवित प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने में असुविधा का सामना करना पड़ता है। पेंशनर्स को जीवित प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने में कोई असुविधा न हो, इसके लिए पेंशनर्स नजदीकी जन सुविधा केन्द्र/पोस्ट आफिस या साइबर कैफे के माध्यम से WWW.JEEWANPRAMAAN.GOV.IN पोर्टल का उपयोग कर अत्यन्त सहजता से डिजिटल रूप में अपना जीवन प्रमाण पत्र आधार नं0, रजिस्टर्ड मोबाइल नं0, पेंशनर्स नेम, टाइप आफ पेंशन-सर्विश/फैमिली, सैंसनिंग ऑथरिटी-स्टेट गवर्नमेंट उत्तर प्रदेश, डिसबर्सिंग एजेंसी-उत्तर प्रदेश ट्रेजरी -सब ट्रेजरीज, ट्रेज़री/एजेंसी-इलाहाबाद, पीपीओ नं0, बैंक अकाउट नं0, आईएफसी कोड, बायोमैट्रिक एमपर्सन से सम्बंधित प्रक्रिया का अनुसरण करते हुए कोषागार में प्रेषित कर सकते है। उन्होंने बताया कि उपरोक्त सुविधा का उपयोग करते हुए अपने घर के नजदीकी पोस्ट आफिस/जन सुविधा केन्द्र अथवा साइबर कैफे या अपने डिवाइस से भेजा जा सकता है, जिसके लिए कोषागार में आने की आवश्यकता नहीं है।
मुख्य कोषाधिकारी ने बताया कि कोषगार में पूरे वर्ष जीवन प्रमाण पत्र स्वीकार किये जाते हैं, ऐसी स्थिति में जिन पेंशनरों/पारिवारिक पेंशनरों के जीवित प्रमाण पत्र जमा करने की अवधि नवम्बर/दिसम्बर माह में होती है, वह अपने जीवित होने का प्रमाण पत्र एक वर्ष पूर्ण होने के पूर्व किसी भी माह में आनलाइन/आफ लाइन प्रक्रिया के अधीन प्रेषित/प्राप्त करा सकते है।

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