गंगा जी सहित सभी जल तीर्थ की अविरलता एवं निर्मलता को बनाए रखने में समाज के सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक है : रामाशीष जी

प्रयागराज ०५ अप्रैल
बीके यादव/ बालजी दैनिक
गंगा समग्र काशी प्रांत के यमुना भाग द्वारा आयोजित निषादराज जन्मदिवस समारोह जिसे गंगा समग्र ने निषादराज पंचमी समारोह के रूप में ज्वाला देवी इंटर कालेज, सिविल लाइंस, प्रयागराज के सभागार में आयोजित समारोह के अवसर पर में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए गंगा समग्र के राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामाशीष ने कहा कि गंगा सहित समस्त जलतीर्थो की अविरलता एवं निर्मलता को बनाने में समाज के सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक है साथ ही अपने उद्बोधन में कहा कि भगवान राम के बाल सखा निषाद राज निष्काम भक्ति के श्रेष्ठ उदाहरण है। उन्होंने प्रेम और भक्ति के माध्यम से समाज में उदाहरण प्रस्तुत किया, कि जो भी निष्काम भक्ति करता है, भगवान स्वयं उनसे मिलने चले आते हैं। आगे कहा कि भगवान के बाल सखा ऐसे समाज से थे जिनका सारा कारोबार मां गंगा पर आश्रित था, गंगा समग्र के 15 आयामों में से एक आयाम गंगा आश्रित भी है, जिसके माध्यम से समाज में ऐसे लोग जिनका सारा कारोबार मां गंगा पर निर्भर है को जोड़कर मां गंगा को अविरल और निर्मल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। भगवान राम एवं निषादराज की मित्रता सामाजिक समरसता का श्रेष्ठ उदाहरण है।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों व वक्ताओं के द्वारा निषादराज एवं मां गंगा के चित्र के समक्ष माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुई। निषादराज पंचमी समारोह का विषय प्रवेश गंगा समग्र काशी प्रांत के संगठन मंत्री संजय ने किया।कार्यक्रम की रूपरेखा रखते हुए कहा कि निषादराज गुह्य का ननिहाल अयोध्या में थी जहां से इन्होंने शिक्षा ली और वहीं भगवान राम के मित्र बने।
संपूर्ण समाज को मिलाकर भगवान राम ने जिस रामराज्य की कल्पना की थी हमें भी वैसे ही समाज की स्थापना करनी है।
वक्ताओं की अगली कड़ी में विशिष्ट अतिथि एवं निषाद राज गुह्य के वंशज डॉ. बी. के. कश्यप ने कहा कि भगवान राम वह निषादराज की जो मित्रता थी वह मित्रता आज भी वैसी ही बनी रहनी चाहिए, ऐसे मैत्रीपूर्ण समाज से ही हम एक महान भारत देश बना सकते हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग के उप सचिव डॉ. शिवजी मालवीय ने भगवान राम के श्रृंगवेरपुर आगमन व निषादराज की सहायता से गंगा पार होने के दृश्य का वर्णन करते हुए कहा कि निषाद राज भगवान के सच्चे मित्र थे क्योंकि एक सच्चा मित्र ही भगवान से हठ कर सकता है । आज के समय में एकता, समरसता और प्रेम का पवित्र संगम श्रृंगवेरपुर जहां निषादराज एवं भगवान राम का मिलन हुआ आज भी हमें भक्ति एवं सद्भाव के संगम की तरह प्रेरणा दे रहा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही समाज सेविका डॉ. सुनीता देवी निषाद ने कहा कि निषादराज की मित्रता सामाजिक समरसता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।इस समारोह में समाज में अपने उत्कृष्ट कार्यों से अलग अलग-अलग क्षेत्र में पहचान बनाने वाले श्री शिव बाबू निषाद अविनाश निषाद धर्मेंद्र निषाद कमलेश निषाद व उत्पल निषाद को अतिथियों द्वारा अंगवस्त्र, गंगा समग्र का पटका, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में गंगा समग्र काशी प्रांत के संयोजक राकेश मिश्र आलोक शर्मा, जितेंद्र गौड़ , दिव्या ओझा, सुनीता उपाध्याय नीलम प्रसाद जी, राम शिरोमणि अवधनारायण जी, डॉ. रश्मि सिंह, अशोक सिंह जी, डॉ. श्रवण मिश्र, दिव्यांशु गौड़, पूजा पांडे ,रंजना गुलाटी, प्रिया अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में गंगा समग्र के गंगा भक्त शामिल हुए।
कार्यक्रम का संचालन व अतिथि परिचय गंगा समग्र काशी प्रांत के यमुना भाग संयोजक श्री अजय सिंह जी ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन यमुना भाग सहसंयोजक डॉ. प्रवीण शुक्ल द्वारा दिया गया।