उत्तर प्रदेशप्रयागराज

रानी रेवती देवी के श्लोक त्रिपाठी ने जयपुर में आयोजित अखिल भारतीय विज्ञान मेले में स्वर्ण पदक प्राप्त कर गौरवान्वित किया

प्रयागराज 22 नवंबर

बीके यादव/ बालजी दैनिक

विद्या भारती से संबद्ध काशी प्रांत के रानी रेवती देवी सरस्वती विद्या निकेतन इंटर कॉलेज, राजापुर के कक्षा एकादश के छात्र श्लोक त्रिपाठी ने विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा सरस्वती बालिका उच्च माध्यमिक विद्या मंदिर, जवाहर नगर, जयपुर (राजस्थान) में आयोजित अखिल भारतीय विज्ञान मेले में काशी प्रांत तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के प्रतिनिधि के रूप में नैनो टेक्नोलॉजी, मॉडल आधारित प्रतियोगिता (तरुण वर्ग) में स्वर्ण पदक प्राप्त करके विद्यालय, प्रबंध समिति तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र एवं परिवार का मान बढ़ाया l भैया की इस उपलब्धि पर विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं क्षेत्रीय विज्ञान प्रमुख बांके बिहारी पाण्डेय ने वंदना सभा में छात्र-छात्राओं के समक्ष भैया श्लोक त्रिपाठी को सम्मानित करते हुए समस्त छात्र-छात्राओं को भी प्रेरित किया कि आप सभी इसी तरह की उपलब्धि प्राप्त कर विद्यालय एवं अपने परिवार का मान बढ़ाएं l

विद्यालय के मीडिया प्रभारी एवं संगीताचार्य मनोज गुप्ता ने बताया कि भैया श्लोक त्रिपाठी ने संकुल स्तरीय प्रतियोगिता कटघर में, प्रांत स्तरीय प्रतियोगिता लालगंज प्रतापगढ़ में, क्षेत्र स्तरीय प्रतियोगिता लखनऊ में लगातार स्वर्ण पदक प्राप्त करते हुए अखिल भारतीय विज्ञान मेले में भी स्वर्ण पदक प्राप्त कर अपना परचम लहराया, भैया श्लोक त्रिपाठी ने यह प्रदर्शन “सेना का मित्र” नाम से बनाया जो कि एक विशेष प्रकार की बंदूक है जिसे चलाने के लिए हमारे भारतीय सैनिक को उसके द्वारा बनाई गई दवा खानी होगी तभी यह बंदूक उसके हाथों से चलेगी, जिस सैनिक ने यह दवा नहीं खाई होगी वह अगर चलाना भी चाहेगा तो उसके हाथों से यह बंदूक नहीं चलेगी l भैया श्लोक त्रिपाठी ने बताया कि इस बंदूक में चार प्रकार की तकनीक का इस्तेमाल किया गया है यह अपने दुश्मनों को देखते ही अपने आप ही चल जाएगी, यह हमारे सैनिकों को लैंडमाइन पर पैर रखने से पहले ही सतर्क कर देगा, यदि हमारी टीम में कोई दूसरा व्यक्ति आता है तो इस बंदूक में लगे सिस्टम हमें सतर्क कर देंगे, यदि कोई भी बम हमारी बंदूक से 20-30 किलोमीटर तक फटने वाला है तो यह बंदूक हमें सतर्क कर देगी, इसकी सर्किट और दवाइयों में कुल 795 रुपए खर्च आया है l

विद्यालय में विज्ञान के शिक्षक शिवनारायण सिंह ने बताया कि भैया श्लोक त्रिपाठी ने अपनी इसी विशिष्ट प्रतिभा के बल पर विद्या भारती के समस्त अधिकारियों एवं आए हुए निर्णायकों को प्रभावित करते हुए संकुल से लेकर अखिल भारतीय स्तर तक में अपना एक अलग स्थान बनाया l

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button