शोध सुविधा मानवता हेतु समर्पित होनी चाहिए- जे. एन. मिश्र

बालजी दैनिक
प्रयागराज।
ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय में नवाचार विचार, पेटेंट, कॉपीराइट, ट्रेड सेक्रेट, स्टार्टअप को बढ़ावा देने हेतु सीड मनी द्वारा एक्सटेंशन सेंटर, सामाजिक पहुंच के तहत दो दिन विचारों की श्रृंखला पर गहन मंथन हुआ।
करीब 25 से अधिक कॉन्सेप्ट, थॉट्स, आइडिया, में प्रमुख रूप से कम मूल्य पर ई- वेस्ट से एलईडी बल्ब का निर्माण, सेंसर से गैस डिटेक्शन, मोरिंगा उत्पाद निर्माण, हर्बल उत्पाद के विविध रॉ पदार्थ के कल्टीवेशन एवम संबंधित उत्पाद, कवक का सिमुलेशन और कमर्शियलाइज, पर्यावरण सह विचार, मेवाती घराना, सैव – साक्त भारतीय ज्ञान आधारित विधा प्रशिक्षण, रिवर लिंकिंग काे मानवता हेतु शोध में बायो एथिक्स के साथ प्रशिक्षण के लिए अवसर देना चाहिए। विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलाधिपति ने प्रेषित संदेश में फैकल्टी व शोधार्थियों द्वारा हाे रहे शोध को सामाजिक, नैतिक कल्याण में समर्पित करने हेतु प्रेरित किया।कुलपति प्रो. रोहित रमेश, प्रति कुलपति डॉ. एस. सी. तिवारी , प्रोफेसर इंचार्ज आर एंड डी. प्रो. आर. सी. त्रिपाठी, डॉ राजेश केसरवानी, डॉ दुर्गेश नंदिनी गोस्वामी ने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं संवर्धन पर बल देते हुए बताया कि जैव तकनीकी की सुविधा कंसल्टेंसी हेतु लाया जाना चाहिए। प्रमुख विचारक डॉ राजेश तिवारी, डॉ धीरज पाण्डेय, डॉ आशीष शिवम्, डॉ मीता रतावा, डॉ शिखा खरे, डॉ विक्रम सिंह, डॉ० शक्तिनाथ, डॉ संजय कुमार, डॉ संतेश्वर मिश्रा, डॉ अनीता सिंह, डॉ संजय कुमार, डॉ मुलायम पटेल, डॉ अनुपमा सिंह, डॉ० सव्यसाची, डॉ आदि नाथ ने तथ्य साझा किया।