अयोध्याउत्तर प्रदेश

बड़ी ही बिडंबना की बात भारत की कोई राष्ट्र भाषा नही है – रामकेर सिंह

बालजी हिन्दी दैनिक
अयोध्या धाम l मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या से मातृभाषा हिन्दी के समुन्यन व राष्ट्रभाषा घोषित किये जाने से संबंधित अंन्यान्य विधियों से हिन्दी प्रचार प्रसार सेवा संस्थान संस्थान द्वारा एक अभियान के तहत आगामी संघर्षो की रणनीति पर व्यापक विमर्श कर संस्थान के पारिवारिक विस्तार को धार देते हुए सदस्यता अभियान के तहत आज यहाँ बार एशोसिएशन फ़ैज़ाबाद अयोध्या प्रांगण में विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष धीरेंद्र सिंह,वरिष्ठ अधिवक्ता विधिक प्रकोष्ठ प्रभारी विजय शंकर पांडेय,अधिवक्ता व वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप पाठक,उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता मृगेंद्र सिंह,भारतीय सेना के ग्रिनेडियर अमरपाल सिंह,एच. डी.एफ.सी.बैंक के प्रबंधक आदि से सम्पर्क स्थापित कर संस्थान द्वारा प्रकाशित राष्ट्रीय पत्रिका “साहित्य सम्राट” अवलोकनार्थ भेंट करते हुए संस्थान के राष्ट्रीय महामन्त्री/सम्पादक “साहित्य सम्राट”डाoसम्राट अशोक मौर्य, संरक्षक मंडल सदस्य व जनहित सत्ता हिन्दी दैनिक समाचार पत्र के ब्यूरो प्रमुख रामकेर सिंह ने एक संयुक्त वक्तव्य में कहा कि हिंदी को जब तक देश की राष्ट्रभाषा नहीं घोषित किया जाता तब तक राष्ट्र का संपूर्ण विकासअसंभव है, बिडंबना है कि आज़ादी के इतने दिनों बाद भी विश्व में भारत ही एक ऐसा अजूबा राष्ट्र है जिसकी अपनी कोई भाषा ही नहीं है,आप सभी ने देश व प्रदेश की सरकारों से मांग की कि मातृ भाषा हिंदी के विकास की गतिविधियों को तेज करने के लिए हिन्दी को यथाशीघ्र राष्ट्र भाषा घोषित कर अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय हिंदी भवन व वाचनालय स्थापित किये जाँय, तथा देश भर के साहित्यकारों, लेखकों व पत्रकारों को आवासीय सुविधा तथा पेंशन की व्यवस्था की जानी जनहित में नितांत आवश्यक है क्यों कि आप सब अनवरत रूप से जनहितार्थ संघर्ष करते हैं l

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button