Volunteer Data Base तैयार करेगा उत्तराखंड

न सिर्फ राष्ट्रीय खेल, बल्कि अन्य बडे़ आयोजनों को सामने रखकर तैयारी
राष्ट्रीय खेलः वाॅलंटियर रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा 30 हजार तक पहुंचा
वाॅलंटियर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया जारी, दो से ढाई हजार की जरूरत
देहरादून, 2 जनवरी: 38 वें राष्ट्रीय खेलों के बहाने उत्तराखंड वाॅलंटियरों का डाटा बेस(Volunteer Data Base) तैयार करने में जुट गया है। जिस तरह से उत्तराखंड में बडे़ आयोजनों का माहौल बनने लगा है, उसे देखते हुए डाटा बेस की जरूरत महसूस की जा रही है। खेल विभाग ने इसके लिए आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
इन दिनों राष्ट्रीय खेलों के संबंध में वाॅलंटियर के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया चल रही है। रजिस्ट्रेशन कराने वाले सभी लोगों को प्रमाणपत्र दिया जाएगा। दो से ढाई हजार जिन वाॅलंटियर का चयन होगा, उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। बाद में उन्हें अलग से राष्ट्रीय खेल का प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। चयनित वाॅलंटियर को टीए/डीए भी दिया जाएगा। रजिस्ट्रेशन पूरे हो जाने के बाद चयन प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा।
दरअसल, खेल विभाग के अफसरों का मानना है कि इस महा आयोजन के बहाने वाॅलंटियर का डाटा बेस(Volunteer Data Base) तैयार करना भविष्य के लिहाज से उपयोगी रहेगा। उत्तराखंड ने हाल के दिनों में इन्वेस्टर समिट, जी-20 समिट बैठक जैसे बडे़ और सफल आयोजन किए हैं। बडे़ आयोजनों के लिए बन रहे माहौल के बीच भविष्य में मानव संसाधन की आवश्यकता को महसूस किया जा रहा है। इसे देखते हुए ही डाटा बेस तैयार करने पर अब कदम आगे बढ़ रहे हैं।
30 हजार तक पहुंचा वाॅलंटियर रजिस्ट्रेशन
-राष्ट्रीय खेलों के दौरान वाॅलंटियर बनने के लिए लोगों का उत्साह बरकरार है। अभी तक 30 हजार लोगों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है। राष्ट्रीय खेलों के लिए दो से ढाई हजार वाॅलंटियरों की ही आवश्यकता है। रजिस्ट्रेशन कराने वालों में बड़ी संख्या में छात्राएं और महिलाएं भी हैं।
राष्ट्रीय खेलों के दौरान तमाम तरह की व्यवस्थाएं बनाने में वाॅलंटियरों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। हमारी कोशिश है कि इस आयोजन के दौरान हम वाॅलंटियर डाटा बेस(Volunteer Data Base) तैयार कर लें। इस क्रम में संबंधित व्यक्ति का संपूर्ण विवरण हमारे पास उपलब्ध हो जाए। रजिस्ट्रेशन कराने वाले हर व्यक्ति को हम आवश्यक जानकारी देंगे। बताएंगे कि एक वाॅलंटियर की भूमिका किस तरह की होती है। डाटा बेस तैयार हो जाने के बाद भविष्य में जब भी बडे़ आयोजन के लिए वाॅलंटियर की जरूरत होगी, तो आसानी से वे उपलब्ध रहेंगे।
अमित सिन्हा, विशेष प्रमुख खेल सचिव/मुख्य कार्यकारी अधिकारी, राष्ट्रीय खेल