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सीएम सैनी का बड़ा प्लान: एआइ मॉडल से चलेगा हरियाणा, प्रदूषण नियंत्रण और प्रशासन में आएगी तेजी

चंडीगढ़। हरियाणा में कृत्रिम बुद्धिमता (आर्टिफिशल इंटेलिजेंस) यानी एआइ और चीन की तकनीक की सहायता से हवा को साफ करने के प्रयास होंगे। वायु गुणवत्ता प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एयर क्वालिटी डिसीजन सपोर्ट सिस्टम विकसित करने में वर्ल्ड बैंक से सहयोग का अनुरोध किया है।

विश्व बैंक के अधिकारियों के साथ बुधवार को बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि चीन के अध्ययन दौरे से लौटे अधिकारियों ने वहां अपनाई जा रही आधुनिक प्रणालियों की जानकारी साझा की है। हरियाणा भी अपने क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत वैश्विक स्तर की सर्वोत्तम तकनीकों और एआइ आधारित समाधान अपनाकर वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।

इस दौरान राज्य में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस, कौशल विकास और डेटा-आधारित प्रशासन को नई दिशा देने पर विस्तार से चर्चा हुई।

सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, तेज एवं प्रभावी बनाए

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा तकनीक को केवल नवाचार तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि उसका लाभ सीधे आम नागरिक तक पहुंचे, यही सरकार का उद्देश्य है। तकनीक तभी सार्थक है, जब वह लोगों के जीवन को आसान बनाए और सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, तेज एवं प्रभावी बनाए।

वर्ल्ड बैंक के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि 19 से 22 अक्टूबर तक कोरिया में आयोजित होने वाले डिजिटल समिट में विश्व बैंक द्वारा हरियाणा सरकार के सहयोग से विकसित एआइ सैंडबॉक्स को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री को भी इस समिट में शामिल होने का आमंत्रण दिया।

एआइ माडल तैयार करने का सुझाव भी रखा

मुख्यमंत्री ने परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) को राज्य की सबसे महत्वपूर्ण डिजिटल पहलों में से एक बताते हुए कहा कि इसे और अधिक आधुनिक तथा उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने के लिए पीपीपी 2.0 विकसित किया जाएगा। हरियाणा व्यापक डेटा एक्सचेंज पालिसी और डेटा लेक विकसित कर विभिन्न विभागों के बीच सूचनाओं के सहज आदान-प्रदान की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। इससे नीति निर्माण और प्रशासनिक निर्णय अधिक सटीक एवं प्रभावी होंगे।

मुख्यमंत्री ने वर्ल्ड बैंक से हरियाणा एआइ एंड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट को शीघ्र शुरू करने का आग्रह करते हुए कहा कि इसके तहत प्रस्तावित एआइ गुरुकुल युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रदान करेगा। उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुसार प्रशिक्षण और प्रत्येक जिले में कौशल केंद्र विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने हरियाणा के लिए समर्पित एआइ माडल तैयार करने का सुझाव भी रखा। यह माडल राज्य के कानूनों, नियमों और सरकारी प्रक्रियाओं को समझते हुए अधिकारियों को त्वरित एवं सटीक निर्णय लेने में मदद करेगा।

250 स्टार्टअप्स ने दिखाई ताकत

हाल ही में आयोजित इनोवेशन चैलेंज में लगभग 250 कंपनियों और स्टार्टअप्स ने भाग लिया, जो हरियाणा में तेजी से विकसित हो रहे नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र का प्रमाण है। अब इन नवाचारों को विभिन्न सरकारी विभागों में लागू कर नागरिकों तक उनका प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाया जाएगा।

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