सभी शब्द अपनी नजरों में, सर्वश्रेष्ठ किसको कहें। जब भी लिखता रहा निरंतर, दिल से ही लिखते रहें ॥ हमेशा…
Read More »कविता
मॉं जब-जब हॅंसती है, बड़ी ही प्यारी लगती है, जादू भरी उसकी मुस्कान, हर गम मेरा हर लेती है ।…
Read More »लेखिका नूतन राय जाति और धर्म भाषा के नाम पर हम लड़े और लड़ कर बिखरते रहे। गैरो ने भाप…
Read More »जिसकी खातिर तुम मुझे छल कर चले गए अगर वो भी तुम्हें छल जाएगा तब क्या करोगे तुम ?? जिसकी…
Read More »कितने भी सैलाब आए आसमां डूबता नहीं है माँ घर पर हो तो तुलसी का पौधा सूखता नहीं है पर…
Read More »(शैलेंद्र-विनायक फीचर्स) शीत पवन तुम धीर धरो, अब उर अग्नि को गाना है, धरती के कंपते आँगन में अब बसंत…
Read More »शिवकुमार पाण्डेय गुरूजी/ बीन्यूज हिंदी दैनिक तरबगंज. बदल गया है गांव हमारा, पहले जैसी बात कहां है कउड़े पर सुनते…
Read More »कलिकाल की छाई चहुं ओर रंगत, मानव क्यों करें तू दुष्टों की संगत, मानवता का यहां छरण हो रहा हैं,…
Read More »पता नहीं क्यों हम नकारे गए । लुटा के सब हम मारे गए। सहारा दिया अपना समझ। तभी तो अपने…
Read More »बाह्य दुनिया के छल मायावी प्रपंचों से निकल, सुन जरा थोड़ा भीतर भी मनन करता जा, सद्गुरु के अनुपम अतुलनीय…
Read More »





