झारखण्डराज्य

झारखंड भाजपा कार्यसमिति की बैठक संपन्न: बाबूलाल मरांडी और चंपई सोरेन ने हेमंत सरकार पर बोला तीखा हमला, व्यापक आंदोलन का ऐलान

रांची: झारखंड भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक रविवार को संपन्न हो गई. कांके के सुकुरहुट्टू के बैंकेट हॉल में आयोजित इस प्रदेश कार्यसमिति के दूसरे दिन नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में चल रही वर्तमान महागठबंधन की सरकार को “अबुआ सरकार से ठगुआ सरकार तक” के स्लोगन के साथ हेमंत सरकार को ‘भ्रष्टाचार’ में लिप्त सरकार बताते हुए राजनीतिक प्रस्ताव कार्यसमिति के समक्ष प्रस्तुत किया.

भाजपा ने हेमंत सरकार को घेरा

इस प्रस्ताव को पूर्व सीएम चंपई सोरेन, मधु कोड़ा, गढ़वा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी एवं जमुआ विधायक डॉ. मंजू कुमारी ने अनुमोदन किया. झारखंड विधानसभा ने नेता प्रतिपक्ष और पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी ने इस राजनीतिक प्रस्ताव में हेमंत सरकार को घेरा और शासनकाल में आदिवासी अस्मिता से लेकर भ्रष्टाचार, कुशासन तक सवाल उठाए.

जनहित के मुद्दों पर उठी मुखरता से आवाज

इसके साथ-साथ भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के दूसरे दिन जनहित के मुद्दों पर कार्यसमिति में मुखरता से आवाज उठी और वर्तमान सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया गया. दो दिन के गहरे मंथन और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मिले मार्गदर्शन के बाद नई ऊर्जा एवं उत्साह से भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता लबरेज दिखे.

हेमंत सरकार की नीतियों पर चर्चा

प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में हेमंत सरकार की जनविरोधी नीतियों से जुड़े मुद्दों को विस्तार से उठाते हुए राजनीतिक प्रस्ताव-2 को सर्वसम्मति से पारित किया गया. कार्यसमिति का यह राजनीतिक प्रस्ताव-2 हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार की हर मोर्चे पर विफलता, चुनावी वादाखिलाफी, बिगड़ती कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा में नाकामी, घुसपैठ, खनिज संपदाओं की लूट, युवाओं-छात्राओं के साथ धोखा तथा आदिवासियों के उत्पीड़न जैसे गंभीर मुद्दों पर केंद्रित है.

प्रस्ताव में राज्य सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, युवाओं एवं छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ और जनहित की अनदेखी के खिलाफ संघर्ष को तेज करने का संकल्प व्यक्त किया गया है.

महापुरुषों को सम्मानित नहीं किया: बाबूलाल मरांडी

राजनीतिक प्रस्ताव पेश करते हुए नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आरोप कि राजनीतिक प्रस्ताव में लिखित बातों को लेकर कोई भी राजनीतिक दल जनता की बीच जाती है. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में झारखंड़ के सभी इलाकों में हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने महत्ती भूमिका निभाई और कुर्बानियां दी, वे सभी जल, जंगल, जमीन और न्याय की लड़ाई लड़ी लेकिन कांग्रेस ने देश में एक लंबे समय तक सरकार चलाई और आज भी झारखंड़ में उनकी ही सरकार है. ये लोग जल, जंगल और जमीन का सिर्फ नारा दिया लेकिन किसी ने महापुरुषों को सम्मानित नहीं किया. यदि इन महानायकों को सम्मानित किया तो भाजपा की अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी सरकार ने किया है.

जनजातीय गौरव दिवस

उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के योद्धा और अगुआ रहे बिरसा मुंडा की शहादत और कुर्बानी को देश की जनता जाने इसलिए पीएम मोदी ने उनके जन्मदिन को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लेकर उनको सम्मान देने का काम किया. राज्य के अमर शहीद बिरसा मुंडा को कांग्रेस ने एक जगह तक नहीं दी, जहां उनका संग्रहालय या स्मारक बनाया जा सके लेकिन भाजपा सरकार ने उन्हें सम्मान देते हुए रांची हवाई अड्डा का नामकरण उनके नाम पर किया. पीएम मोदी ने बिरसा मुंडा के जन्मस्थली जाकर उनको नमन किया.

लूटी गई आदिवासियों की जमीन

जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तो झारखंड के मूलवासियों की अलग राज्य की चिर परिचित मांग की आवाज को नहीं सुनी गई. केंद्र में भाजपा की सरकार बनते ही अलग राज्य का गठन किया. उन्होंने कहा कि झारखंड़ में आदिवासियों की जमीन को कांग्रेस और झामुमो पर लूटने का आरोप लगाया. भाजपा के बाबूलाल मरांडी, अर्जुन, मुंडा, मधु कोड़ा, रघुवर दास और चंपई सोरेन के शासनकाल में एक इंच भी आदिवासियों की जमीन नहीं लूटी गई. उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन ने सबसे ज्यादा आदिवासियों की जमीन को लूटा है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि इसका जोरदार तरीके से विरोध होना चाहिए.

झूठे नैरेटिव का मुंहतोड़ जवाब दिया जाए: बाबूलाल मरांडी

उन्होंने आगे कहा कि राज्य के विस्थापित लोगों को न्याय नहीं मिला है, इनके लिए कांग्रेस की सरकार जिम्मेदार है न कि भाजपा और मोदी सरकार. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अब समय आ गया है कि इन लोगों के झूठे नैरेटिव को मुंहतोड़ जवाब दिया जाए. उन्होंने बताया कि हेमंत सोरेन की सरकार में सारे विकास के काम ठप पड़े हैं. उन्होंने दावा किया कि कहीं विकास के काम नहीं किये जा रहे हैं. भाजपा की सरकार में विकास के काम दिखते थे लेकिन आज राज्य से विकास के काम ‘नदारद’ हैं.

देशहित में एमएमडीआर अधिनियम

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड़ में भ्रष्टाचार बढ़ा है. सरकार पैसे की उगाही कर अपनी तिजोरी भरने में लगी हुई है. झारखंड़ की एक बड़ी आबादी आज भी भाजपा के साथ है. राज्य की जनता इस सरकार के कुशासन से मुक्त होना चाहती है. उन्होंने एमएमडीआर अधिनियम को देशहित एवं झारखंड हित में बताया और कहा कि यह कानून पूरे देश के लिए है, यह सिर्फ मेजर मिनरल के लिए बनाया गया कानून है, यह कानून माइनर मिनरल के लिए नहीं है. सेस के कारण यहां का कोयला महंगा हो जाता है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन के संरक्षण में कोयले की चोरी-बिक्री कार्रवाई जा रही है, ठेकेदारों को अवैध कोयला मजबूरी में खरीदना पड़ता है.

कई हिस्सों में बदली डेमोग्राफी: बीजेपी

उन्होंने आगे कहा कि इस अधिनियम को लेकर झारखंड़ सरकार के द्वारा गढ़े जा रहे झूठे नैरेटिव को ध्वस्त करना होगा. उन्होंने राज्य के कई हिस्सों की बदलती डेमोग्राफी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि झामुमो और कांग्रेस के लिए यह मामला वोट बैंक से जुड़ा है लेकिन भाजपा के लिए राज्य की बदलती डेमोग्राफी चिंता का विषय है.

मुस्लिम आबादी का अनुपात बढ़ने पर जताई चिंता

उन्होंने आरोप लगाते हुए बताया कि आदिवासी रैली के नाम पर विशेष समुदाय को शामिल होने के लिए फरमान जारी किया गया था. उन्होंने आदिवासी की आबादी घटने और ‘मुस्लिमों की आबादी’ का अनुपात बढ़ने पर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि ऐसा ही चलता रहा तो हालात ‘बांग्लादेश’ वाली हो जाएगी. उन्होंने कहा कि जनसंख्या के आधार पर आरक्षण और प्रतिनिधित्व भी प्रभावित होता है.

सरकार टालना चाहती है चुनाव: बाबूलाल मरांडी

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जनसंख्या के आधार पर आरक्षण और प्रतिनिधित्व भी प्रभावित होता है. अपने संबोधन में बाबूलाल मरांडी ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार पंचायत चुनाव कराएगी, ऐसी मंशा ही नहीं दिखती है. सरकार चुनाव को टालना चाहती है, इसलिए ट्रिपल टेस्ट कराने से पीछे हट रही है. पंचायत चुनाव में जीत के लिए हर पंचायत और गांव में जनता को साथ लेकर चलना होगा. इसके अलावा बाबूलाल मरांडी ने राज्य के सभी ज्वलंत मुद्दों को लेकर झामुमो-कांग्रेस की सरकार पर सवाल खड़े किए.

इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री और एक समय में झामुमो की चोटी के नेताओं में से एक रहे चंपई सोरेन ने बाबूलाल मरांडी द्वारा प्रस्तुत राजनीतिक प्रस्ताव के समर्थन में बोलते हुए कहा कि यह राजनीतिक प्रस्ताव अनिवार्य है, क्योंकि वर्तमान सरकार की लूट, अराजकता को जवाब देना हमारा दायित्व है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार का कोई उद्देश्य नहीं है सिर्फ लूटना और भ्रष्टाचार को अंजाम देना है. हर योजना में लूट मची हुई है. विधवाओं और वृद्धजनों का पेंशन तक बंद है.

अंचल कार्यालय बना ‘लूट का अड्डा’

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राज्य की 10000 प्राइमरी स्कूलों के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है. प्रदेश की वर्तमान सरकार आज हर क्षेत्र में फेल हो चुकी है, इस सरकार ने अबुआ आवास, हरा राशन कार्ड को भी अब बंद कर दिया है. राज्य का अंचल कार्यालय ‘लूट का अड्डा’ बना हुआ है. उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ने राज्य में लाखों लोगों को विस्थापित करने का काम किया, इसका परिणाम आज भी विस्थापित झेल रहे हैं.

उन्होंने अपने आरोपों में कहा कि आदिवासियों की जमीन को जबरदस्ती लूटी जा रही है. रिम्स 2 का निर्माण बंजर भूमि में किया जा सकता था लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया. चंपई सोरेन ने आरोप लगाया कि झामुमो को जल, जंगल, जमीन का नारा देने का नैतिक अधिकार नहीं है. कारखाना के नाम पर जरूरत से अधिक भूमि का अधिग्रहण किया गया है. सरकार में गठित आयोग में मुंह है तो दांत नहीं है. संथाल परगना में 30000 हेक्टेयर से भी ज्यादा आदिवासियों की भूमि ‘घुसपैठियों’ के कारण कब्जा हो गया है.

सरकार ने लोकतंत्र को ‘लूटतंत्र’ में बदला: मधु कोड़ा

पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड की हेमन्त सोरेन की सरकार ने लोकतंत्र को लूटतंत्र में बदल दिया है. इस बात को इस राजनीतिक प्रस्ताव में प्रमुखता से इस बात को रेखांकित किया गया है. उसका हम सभी भरपूर समर्थन करते हैं. मधु भाजपा के कार्यकर्ता छात्रों के समर्थन में सरकार से टकराने का काम किया, जिसका परिणाम रहा कि सरकार के द्वारा छात्रों से वार्ता की गई और छात्रों पर झूठे मुकदमे दर्ज होने बन्द हुए. इस अबुआ सरकार में सबसे ज्यादा आदिवासी समाज ही पीड़ित है. उन्होंने आरोप कहा कि अगर राज्य में भाजपा नहीं होती तो यह राज्य कब का ‘ईसाई राज्य’ में परिवर्तित हो चुका होता. इस प्रस्ताव के समर्थन में गढ़वा के विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी और मंजू कुमारी ने भी झारखंड की वर्तमान सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य की जनता इस सरकार के कुशासन से मुक्त होना चाहती है.

ये हैं राजनीतिक प्रस्ताव- 2 के मुख्य बिन्दु

  • झारखंड प्रदेश भाजपा कार्यसमिति के प्रस्ताव में कहा गया है कि झारखंड के अमर बलिदानियों की पावन धरती आज झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन सरकार के कुशासन, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और बदहाल कानून-व्यवस्था से आहत है. भाजपा के संघर्ष और जनआकांक्षाओं से अस्तित्व में आए झारखंड की अस्मिता को वर्तमान सरकार की वादाखिलाफी और जनविरोधी नीतियों ने गहरी चोट पहुंचाई है. भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता, बुनियादी सुविधाओं का अभाव और प्रशासनिक संवेदनहीनता ने जनता की उम्मीदों को झकझोर दिया है.
  • भाजपा प्रदेश कार्यसमिति इस जनविरोधी सरकार के खिलाफ जनआवाज को बुलंद करते हुए व्यापक जनसंघर्ष का संकल्प लेती है. भाजपा का दृढ़ विश्वास है कि झारखंड का भविष्य भ्रष्टाचार और कुशासन में नहीं, बल्कि सुशासन, रोजगार, बेहतर शिक्षा, सुदृढ़ स्वास्थ्य व्यवस्था और पारदर्शी प्रशासन में निहित है. विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब विकसित झारखंड का संकल्प पूरा होगा.

इस प्रस्ताव में झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 2019 से झारखंड की सत्ता में काबिज सरकार ने जनता को विकास के सपने दिखाए, लेकिन धरातल पर निराशा, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार ही मिला. स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली, पेयजल और सिंचाई जैसी बुनियादी सुविधाएं बदहाल हैं.

‘वादाखिलाफी’ से परेशान लोग

गरीब, आदिवासी, दलित, पिछड़े, महिलाएं, किसान और युवा सरकार की ‘वादाखिलाफी’ से परेशान हैं. कार्यसमिति ने आरोप लगाया है कि 5 लाख नौकरी हर साल, बेरोजगारी भत्ता, हर घर में सरकारी नौकरी, ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण, किसानों को 3,200 प्रति क्विंटल धान का समर्थन मूल्य और महिलाओं को सम्मान राशि देने जैसे वादे पूरे नहीं हुए हैं. छात्रवृत्ति, पेंशन, जाति प्रमाण पत्र और विस्थापितों को न्याय जैसे मुद्दों पर भी सरकार की कार्यशैली सवालों के घेरे में हैं.

झारखंड में पलायन और मानव तस्करी की समस्या भी गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है. कार्यसमिति ने विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और बजट खर्च को लेकर भी राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा किया. भाजपा का आरोप है कि पर्याप्त बजटीय प्रावधान के बावजूद विकास कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं दिख रही है. निवेश, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास के मोर्चे पर भी सरकार की उपलब्धियां निराशाजनक हैं.

बिना ट्रिपल टेस्ट और पिछड़ा समाज को भागीदारी दिए नहीं होने देंगे पंचायत चुनाव: आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश कार्यसमिति ने पिछड़ा वर्ग आयोग से संबंधित ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया अविलंब पूरी कराने तथा त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय पर संपन्न कराने की मांग की है. कार्यसमिति के बाद मीडिया से मुखातिब हुए प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने स्पष्ट किया कि झारखंड की जनता के अधिकारों, युवाओं के भविष्य और राज्य के विकास के सवाल पर भाजपा चुप नहीं बैठेगी तथा सरकार की वादाखिलाफी और जनविरोधी नीतियों के विरुद्ध संघर्ष तेज करेगी.

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग किया है. झारखंड अपार खनिज संपदा और राजस्व क्षमता वाला राज्य होने के बावजूद विकास की अपेक्षित गति हासिल नहीं कर पाया तो उसकी वजह कांग्रेस और उसके सहयोग से चल रही महागठबंधन की सरकार है.

कार्यसमिति के प्रस्ताव में राज्य की कानून व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए आरोप लगाया गया कि अपराध, गोलीबारी, लूट और अन्य आपराधिक घटनाओं को लेकर जनता में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है. भाजपा ने कहा कि सरकार का पहला दायित्व नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है लेकिन इसमें हेमन्त सरकार पूरी तरह फेल साबित हुई है.

भाजपा प्रदेश कार्यसमिति में लिया गया संकल्प

प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड प्रदेश भाजपा कार्यसमिति ने संकल्प लिया कि हेमंत सोरेन सरकार की कथित वादाखिलाफी, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, बदहाल कानून-व्यवस्था और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर भाजपा राज्यव्यापी जन जागरण और लोकतांत्रिक संघर्ष तेज करेगी.

पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचकर जनता को सरकार के कामकाज से जुड़े सवालों से अवगत कराएंगे तथा युवाओं, छात्रों, किसानों, महिलाओं, आदिवासियों और वंचित वर्गों के अधिकारों की आवाज बुलंद करेंगे. भाजपा प्रदेश कार्यसमिति ने संकल्प लिया कि पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता जनसेवा को अपना ध्येय, राष्ट्रहित को सर्वोच्च कर्तव्य और अंत्योदय को अपना आदर्श मानते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास, सुशासन और जनकल्याण का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य करेगा.

राज्य में जनता के अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं

उन्होंने आगे कहा कि झारखंड विरोधी निर्णयों और जनता के अधिकारों के हनन का हर स्तर पर लोकतांत्रिक प्रतिकार किया जाएगा. भाजपा राज्य के युवाओं, किसानों, महिलाओं, आदिवासियों, दलितों और वंचितों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष तेज करेगी तथा राज्य को कुशासन से निकालकर विकास और सुशासन के मार्ग पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी.

कार्यसमिति ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में विकसित झारखंड की निर्णायक भूमिका सुनिश्चित करने का संकल्प दोहराया. इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर ही प्रधानमंत्री के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात को सभी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के द्वारा सुना गया. बैठक का संचालन प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह के द्वारा किया गया.

हेमंत सरकार में आदिवासियों पर सबसे ज्यादा अत्याचार: आदित्य साहू

झारखंड भाजपा की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक समाप्त होने के बाद संवाददाता सम्मेलन कर प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी, देशभर के लोगों को अपना परिवार मानकर इनकी चिंता करते हैं लेकिन झारखंड की महागठबंधन की सरकार के मुखिया को राज्यवासियों की चिंता नहीं है.

राज्य की सरकार राज्य गठन के उद्येश्य को ही मिटा रही है. राज्य की स्थिति हर मायने में बिगड़ी हुई है लेकिन राज्य की जनता की चिंता गठबंधन सरकार को नहीं है. बेवजह केंद्र सरकार के कार्यों का विरोध राज्य सरकार करती है.

आदित्य साहू ने आरोप लगाया और कहा कि देश की जनता ने महसूस किया कि एक गरीब शख्स पीएम बनकर काम कर रहा है जबकि राज्य में स्थिति उल्टी है. यहां छात्रों को पीटा गया, जेपीएससी के माध्यम से ही नौकरी बेची गई अगर ऐसा नहीं है तो हेमंत सरकार बताए कि जेपीएससी का अध्यक्ष जेल में क्यों है?

आदित्य साहू ने कहा कि एमएमडीआर का देश भर में स्वागत हो रहा है सिर्फ झारखंड में विरोध हो रहा है जबकि कांग्रेस शासित कई राज्यों में भी कोई विरोध नहीं हुआ. ऐसा क्यों हुआ, इसका जवाब भी महागठबंधन के दलों को देना चाहिए. पूरे प्रदेश में लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ अभियान चलाया जाएगा. अब इंडी गठबंधन के झूठे नारे नहीं चलेंगे.

उन्होंने कहा कि अपने राज्य विधि व्यवस्था की स्थिति किसी से छुपी हुई नहीं है. आदिवासियों के साथ सबसे ज्यादा अत्याचार
हुआ है. इनकी जमीन लूटी जा रहे हैं. आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड भाजपा संगठन के सभी 595 मंडलों में बीजेपी हेमंत सरकार की नाकामियों और भ्र्ष्टाचार के खिलाफ आंदोलन करेगी. पंचायत चुनाव बिना ट्रिपल टेस्ट के स्वीकार नहीं होने देंगे. पिछड़े समाज के अधिकार को छिनने नहीं देंगे.

झारखंड भाजपा में नहीं है कोई गुटबाजी: आदित्य साहू

एक सवाल के जवाब में आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड भाजपा में कोई गुटबाजी नहीं है और ऐसा पहली बार हुआ है, जब प्रदेश कार्य समिति में 95% उपस्थिति रही. उन्होंने कहा कि अपरिहार्य कार्य में व्यस्तता की वजह से सांसद निशिकांत दुबे कार्यसमिति की बैठक में शामिल नहीं हो सकें. इसकी जानकारी उन्होंने पूर्व में ही दे दी थी.

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