हरियाणा में बाढ़ से निपटने की तैयारी तेज: 2,687 गांवों के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खुला

चंडीगढ़, हरियाणा: वित्त आयुक्त (राजस्व) डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग राज्य में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण उत्पन्न हुई बाढ़ जैसी स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है। उन्होंने कहा कि कई जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलभराव हो गया है।

मुख्यमंत्री की निगरानी और हाई अलर्ट
डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर बाढ़ की स्थिति की लगातार समीक्षा कर रहे हैं, ताकि प्रभावी समन्वय सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि सभी उपायुक्तों और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (DDMAs) को हाई अलर्ट पर रहने और जनता को समय पर मौसम संबंधी चेतावनी और सुरक्षा सलाह देने के निर्देश दिए गए हैं।
सामान्य से 48% अधिक वर्षा, किसानों के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल
इस मानसून में हरियाणा में अब तक सामान्य से 48 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। फतेहाबाद, झज्जर, कुरुक्षेत्र और महेंद्रगढ़ जैसे जिलों में सामान्य से काफी अधिक बारिश हुई है।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि सरकार किसानों को पूरा समर्थन दे रही है। उन्होंने बताया कि प्रभावित किसानों के लिए फसल क्षति आकलन और मुआवजे की सुविधा के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल 15 सितंबर, 2025 तक खुला रहेगा। यह पोर्टल 2,687 गांवों को कवर करेगा। अब तक 1,46,823 किसान पोर्टल पर पंजीकरण करा चुके हैं, जिससे कुल 8,66,927 एकड़ कृषि भूमि को नुकसान के आकलन में शामिल किया गया है। यह पहल प्रभावित किसान समुदाय के लिए मुआवजा दावों की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करती है।
राहत शिविरों में 2,247 लोग सुरक्षित
डॉ. सुमिता मिश्रा ने यह भी बताया कि बारिश से प्रभावित 2,247 लोगों को सुरक्षित रूप से राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। विशेषकर पलवल, फरीदाबाद, फतेहाबाद, भिवानी, कुरुक्षेत्र और अंबाला जिलों में बचाव कार्य जारी है। सरकार बाढ़ की स्थिति से निपटने और लोगों को सुरक्षित रखने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है।
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