दाखा सीट छोड़ने को तैयार अयाली, परमजीत कौर खालड़ा से चुनाव लड़ने की अपील

पंजाब और पंथक मुद्दों की मजबूत आवाज बन सकती हैं परमजीत कौर खालड़ा, विधानसभा में उनकी मौजूदगी जरूरी
मनप्रीत सिंह अयाली ने कहा कि परमजीत कौर खालड़ा ने वर्षों तक मानवाधिकारों और न्याय के लिए लगातार संघर्ष किया है। उनका मानना है कि ऐसे लोगों की राजनीति में भागीदारी से आम जनता की आवाज अधिक मजबूती से उठेगी और लोकतांत्रिक मूल्यों को बल मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि परमजीत कौर खालड़ा चुनाव लड़ने का निर्णय लेती हैं तो वह पूरी तरह उनके समर्थन में खड़े रहेंगे।
उन्होंने कहा कि दिवंगत जसवंत सिंह खालड़ा का जीवन मानवाधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित रहा। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘सतलुज’ के माध्यम से भी उनके संघर्ष और आतंकवाद के दौर में कथित रूप से लापता हुए लोगों के मामलों को उठाने की कहानी देशभर के लोगों तक पहुंची है। मनप्रीत सिंह अयाली ने कहा कि खालड़ा परिवार का समाज और पंजाब के प्रति योगदान प्रेरणादायक रहा है।
मनप्रीत सिंह अयाली ने हाल ही में शिरोमणि अकाली दल छोड़कर शिअद वारिस पंजाब दे का दामन थामा है। उन्होंने कहा कि पार्टी में शामिल होने के दौरान उन्होंने किसी पद, टिकट या व्यक्तिगत राजनीतिक लाभ की कोई शर्त नहीं रखी थी। उनका एकमात्र उद्देश्य पंजाब और पंथ से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाना है।
मनप्रीत सिंह अयाली ने कहा कि वर्तमान समय में पंजाब के हितों, धार्मिक मूल्यों और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए सभी पंथक और पंजाब समर्थक ताकतों को एकजुट होने की आवश्यकता है। मनप्रीत सिंह अयाली ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर राज्य और समाज के हित में काम करना समय की मांग है।
उन्होंने यह भी कहा कि आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का चुनाव नहीं होगा, बल्कि यह पंजाब के भविष्य, जनता के अधिकारों और राज्य के महत्वपूर्ण मुद्दों से जुड़ा चुनाव होगा। ऐसे समय में जनता के बीच विश्वसनीय, संघर्षशील और जनहित के प्रति समर्पित नेतृत्व को आगे लाना आवश्यक है।
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