रक्षाबंधन से पहले यूपी में महिला वोट पर सियासी दांव, भाजपा-सपा में योजनाओं और वादों की होड़

रक्षाबंधन से ठीक पहले यूपी में विधानसभा चुनाव की आहट दिखाई दी है। भाजपा और सपा दोनों ने एक ही दिन महिलाओं को लुभाने के लिए कई योजनाओं की घोषणा की। भाजपा सत्ता में है तो योजनाएं लांच भी कर दी गईं। सियासी दलों में महिला वोटरों को अपने पाले में लाने की होड़ सी मच गई है। सत्तारूढ़ भाजपा और मुख्य विपक्षी दल सपा में नित्य नए लुभावने वादे करने के साथ ही अपनी-अपनी सरकारों की खासियत और दूसरों की कमियों को गिनाने का दौर जारी है। भाजपा और सपा तो सत्ते पर सत्ते का खेल खेल रही हैं। कांग्रेस और बसपा ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। देखना दिलचस्प होगा कि सियासी समर में महिलाओं को लुभाने में कौन सफल होता है।
भाजपा ने महिलाओं के लिए खोला गिफ्ट का पिटारा
यूपी में भाजपा सरकार ने 60 वर्ष से अधिक महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा। रक्षाबंधन पर तीन दिन सभी महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, स्नातक की मेधावी छात्राओं को रानी लक्ष्मी बाई योजना के तहत मुफ्त स्कूटी देने जा रही है। अक्तूबर-नवंबर में 50 हजार छात्राओं को मुफ्त स्कूटी जल्द मिलेगी।
बिहार की तर्ज पर महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना शुरू करने को बजट में टोकन मनी भी दी है। जिसमें उन्हें 10 से 30 हजार रुपये तक की एकमुश्त मदद व आगे रोजगार बढ़ने पर और वित्तीय मदद दी जाएगी। मुख्यमंत्री महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 100 करोड़ रुपये दिए गए हैं। महिलाएं अपने उत्पाद यहां बेचेंगी। एक करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। महिला स्वयं सहायता समूहों को भी मदद दी जा रही है।
सपा ने भी महिलाओं को लुभाने को चला दांव
सपा ने गरीब परिवार की महिला को हर साल 40 हजार रुपये देने का वादा किया है। हर महिला को मुफ्त बस यात्रा। यूनिवर्सिटी-कालेज जाने वाली बेटियों को मुफ्त बस सुविधा, वृद्धा के साथ जाने वाले परिजन को आधा बस टिकट देना होगा, इंटरमीडिएट पास बेटियों को लैपटॉप देने जैसी घोषणाएं कर महिलाओं को लुभाने की कोशिश की है।
सपा ने अपनी पिछली सरकार में महिलाओं की सुरक्षा के लिए 1090 योजना शुरू की थी, जिसे सियासी तौर पर भुनाने का भरसक प्रयास किया गया था। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 40 प्रतिशत महिलाओं को टिकट देने का दांव चला था लेकिन वह काम न आया। अब वह फिर कोई नया सियासी तीर चलाकर महिलाओं को अपने पाले में खींचने की जुगत करेगी।
महिला वोट की ताकत
– यूपी में कुल 13.40 करोड़ मतदाताओं में से 6.09 करोड़ महिलाएं हैं और बाकी पुरुष हैं।
– वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में 62.24 प्रतिशत महिलाओं और 59.56 प्रतिशत पुरुषों ने मतदान किया। इससे पहले वर्ष 2017 में महिलाओं का मतदान प्रतिशत 63.38 प्रतिशत व पुरुषों का 59.21 प्रतिशत था।
दूसरे राज्यों में महिलाओं ने दिलाई सत्ता की चाबी
-दिल्ली सरकार ने बुधवार को वादा पूरा करते हुए लक्ष्मी योजना के तहत 2500 रुपये की पहली किश्त दी गई।
-मध्य प्रदेश में लाडली बहना योजना चलाई कर 1500 रुपये दिए गए जिसका भाजपा को लाभ मिला।
-हरियाणा में दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 2100 रुपये दिए जा रहे हैं।
-महराष्ट्र में भी 1500 रुपये दिए जा रहे हैं।
-पश्चिम बंगाल, बिहार व छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों के चुनावों के पहले महिलाओं के खाते में धनराशि भेजी गई।
यह योजनाएं भी महिलाओं को दे रहीं ताकत
-निराश्रित महिला पेंशन योजना में हर महीने 1000 रुपये दिए जा रहे।
-रानी लक्ष्मी बाई महिला एवं बाल सम्मान कोष से अपराध पीड़ित महिलाओं को एक से 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता।
-मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में गरीब परिवार की बेटियों की शादी के लिए एक लाख रुपये।
-महिला कल्याण विभाग के बजट में 11 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी कर इसे 18620 करोड़ रुपये कर दिया है।





