पंजाबराज्य

चंडीगढ़ हेल्थ सर्विस रूल्स-2026 के ड्राफ्ट पर घमासान: ‘आप’ का आरोप- मेडिकल पदों में पंजाब का कोटा घटेगा

चंडीगढ़। चंडीगढ़ हेल्थ सर्विस रूल्स-2026 के प्रस्तावित ड्राफ्ट को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने पंजाब के हिस्से को लेकर सवाल उठाए हैं। आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित नियम लागू होने पर चंडीगढ़ की मेडिकल पोस्ट में पंजाब का हिस्सा मौजूदा 60:40 व्यवस्था की तुलना में घटकर करीब 36 प्रतिशत रह जाएगा।

उन्होंने केंद्र सरकार से ड्राफ्ट की समीक्षा कर पंजाब के हिस्से को सुरक्षित रखने की मांग की है। पन्नू ने कहा कि पंजाब और हरियाणा के बीच चंडीगढ़ में हिस्सेदारी के लिए 60:40 का प्रबंध रहा है। प्रस्तावित नियमों में 40 प्रतिशत मेडिकल आफिसरों की भर्ती सीधे यूटी कैडर के तहत करने और शेष 60 प्रतिशत पद पंजाब व हरियाणा के बीच बांटने का प्रस्ताव है। उनके मुताबिक इससे पंजाब का हिस्सा करीब 36 प्रतिशत तक सिमट जाएगा।

‘अधिकारों से जुड़ा मुद्दा’

पन्नू ने कहा कि यह केवल भर्ती नियमों में बदलाव का विषय नहीं है, बल्कि चंडीगढ़ में पंजाब के हिस्से से जुड़ा मामला है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ पंजाब की राजधानी है और पंजाब के पुनर्गठन के समय इसके लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं तय की गई थीं। ऐसे में किसी नए कैडर स्ट्रक्चर के जरिए पंजाब का हिस्सा कम नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब के अधिकारों को धीरे-धीरे कमजोर किया जा रहा है। पन्नू ने पंजाब यूनिवर्सिटी से सिख सिलेबस हटाने का मुद्दा भी उठाया और कहा कि अब चंडीगढ़ के मेडिकल कैडर में प्रस्तावित बदलाव के जरिए पंजाब के हिस्से को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।

भाजपा के पंजाब को लेकर रुख पर सवाल

आप नेता ने भाजपा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा पंजाब में सरकार बनाने और चुनाव लड़ने की बात करती है, लेकिन दूसरी ओर पंजाब के अधिकारों से जुड़े मुद्दे सामने आ रहे हैं। उन्होंने केंद्र से चंडीगढ़ हेल्थ सर्विस रूल्स-2026 के ड्राफ्ट की समीक्षा करने और पंजाब के हिस्से की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

पन्नू ने कहा कि पंजाब और हरियाणा के बीच 60:40 का मौजूदा प्रबंध सुरक्षित रहना चाहिए। अलग यूटी कैडर बनाने के प्रस्ताव से पंजाब का हिस्सा कम नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रस्तावित नियमों पर पुनर्विचार करने की मांग की।

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