पंजाबराज्य

भगवंत मान की उम्मीदवारी से धूरी सीट बनी ‘हॉट सीट’: सुखपाल खैहरा और मजीठिया को उतारने की चर्चाएं तेज

संगरूर। आम आदमी पार्टी द्वारा अपने 40 उम्मीदवारों की पहली सूची में मुख्यमंत्री भगवंत मान की धूरी विधानसभा सीट से टिकट घोषित हुई, तो संगरूर जिले की राजनीति हवाएं बदली बदली सी नजर आने लगी। राजनीतिक चर्चा धूरी सीट को हाट सीट बनाने को लेकर शुरू हो गई।

हालांकि, कांग्रेस पार्टी के पूर्व विधायक दलवीर सिंह गोल्डी पहले ही हुंकार भर चुके हैं कि वह मुख्यमंत्री के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे, लेकिन जैसे ही मुख्यमंत्री की टिकट घोषित हुई, तो कांग्रेसियों में चर्चा उठने लगी कि धूरी से कांग्रेस पार्टी अपने तेजतर्रार नेता सुखपाल सिंह खैहरा को मौका देगी।

खैहरा पहले भी संसदीय चुनावों में कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में संगरूर सीट से चुनावी किस्मत अजमा चुके हैं और चुनावों में उन्होंने आप उम्मीदवार मीत हेयर को कड़ी टक्कर दी थी। विधानसभा में भी खैहरा हमेशा ही मुख्यमंत्री मान को घेरते दिखते हैं। लिहाजा, अगर कांग्रेस सुखपाल खैहरा को धूरी से उम्मीदवार बनाती है, तो चुनावी माहौल मजेदार बन सकता है।

धूरी बनेगी हॉट सीट

उधर, अकाली दल में भी नए उम्मीदवार को लेकर सुगबुगाहट दिखाई देने लगी। अकाली दल की तरफ से 2022 का चुनाव लड़ चुके बाबू प्रकाश चंद गर्ग अकाली दल को छोड़कर अकाली दल (संयुक्त) में चले गए थे।

हालांकि, अकाली दल की तरफ से धूरी से अपना हलका इंचार्ज रणजीत सिंह रंधावा को जरूर लगाया गया है, लेकिन मुख्यमंत्री को टक्कर देने के लिए अकाली दल अपने तेजतर्रार नेता बिक्रम सिंह मजीठिया पर दांव खेल सकती है। अगर राजनीतिक चर्चाओं ने जमीनी हकीकत पर अमलीजामा पहन लिया, तो धूरी विधानसभा सीट पंजाब की सबसे हाट सीट बन जाएगी।

राजनीतिक पार्टियों का राजनीतिक केंद्र बनेगा संगरूर

हालांकि, पहले पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल संगरूर दौरे दौरान जनता को 2022 जैसी गलती न करने की बात कहकर जा चुके हैं और अब 4 नवंबर को कांग्रेस पार्टी के सर्वेसर्वा राहुल गांधी भी संगरूर में अपनी पार्टी को एकजुटता दिखाने आ रहे हैं। लिहाजा, साफ है कि आम आदमी की राजधानी कहे जाने वाला जिला संगरूर सभी राजनीतिक पार्टियों का राजनीतिक केंद्र जरूर बनेगा।

कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री भगवंत मान को धूरी से उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद संगरूर एक बार फिर प्रदेश की राजनीति के केंद्र में आता दिखाई दे रहा है। अब सबकी निगाहें कांग्रेस और अकाली दल की उम्मीदवारों की घोषणा पर टिकी हैं। यदि इन चर्चाओं में शामिल नामों में से किसी को भी धूरी से मैदान में उतारा जाता है, तो मुकाबला दिलचस्प होने से इनकार नहीं किया जा सकता।

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