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‘मॉडल संस्कृति कॉलेज’ से लेकर ‘म्हारी सड़क’ ऐप तक: CM नायब सैनी ने उच्च शिक्षा और PWD की समीक्षा बैठक में दिए बड़े निर्देश

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए विभागों में नवाचार और बेहतर कार्यप्रणालियों को अपनाने पर जोर दिया है।

सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और लोक निर्माण विभाग ने अपनी बेस्ट प्रैक्टिस और उपलब्धियों की प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने शिक्षा, अनुसंधान, डिजिटल तकनीक, नागरिक सहभागिता और प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन से जुड़ी पहलों को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सीएम को बताया कि हर जिले में एक सरकारी कॉलेज को ‘मॉडल संस्कृति कॉलेज’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रदेश के 23 कॉलेजों को इसके लिए चिन्हित किया गया है और वर्ष 2029 तक इन्हें संस्थागत उत्कृष्टता के स्तर पर ले जाने का लक्ष्य है।

अनुसंधान और नवाचार के लिए हरियाणा स्टेट रिसर्च फंड बनाया गया है, जिसके लिए 2025-26 में 20 करोड़ रुपये का प्रविधान है। पिछले वर्ष 350 से अधिक आवेदनों में से 90 शोध परियोजनाओं को मंजूरी मिली।

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों के प्रशिक्षण को अनिवार्य बनाने और प्रदेश में कम से कम चार शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए। करीब 2,000 नवनियुक्त सहायक प्रोफेसरों के लिए पांच दिवसीय इंडक्शन प्रशिक्षण मॉडल तैयार किया गया है।

तकनीकी शिक्षा में सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों की परफार्मेंस-बेस्ड रैंकिंग लागू की गई है। लोक निर्माण विभाग की ‘म्हारी सड़क’ एप के जरिए अब तक 63,389 किलोमीटर सड़क का डिजिटाइजेशन और जियो-फेंसिंग हो चुकी है।

शिकायतों को 48 घंटे में अंडरटेक करने और 10 दिन में समाधान का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने टूटी सड़कों की मर

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