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पंजाब में सरकारी कामकाज ठप! 3 लाख कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर, अस्पताल-स्कूल भी प्रभावित

चंडीगढ़। राज्य में सरकारी कामकाज कराने वाले लोगों के लिए 27 अगस्त का दिन परेशानी वाला रहेगा। साझा मुलाजिम मंच पंजाब एंड यूटी के महाहड़ताल के आह्वान पर प्रदेश के करीब तीन लाख से अधिक सरकारी कर्मचारी सामूहिक छुट्टी लेकर एक दिवसीय हड़ताल करेंगे।

इसका असर विभिन्न सरकारी दफ्तरों, अस्पतालों, स्कूलों और कार्यालयों में देखने को मिलेगा। हालांकि संगठन ने स्पष्ट किया है कि यह पंजाब बंद नहीं, बल्कि सरकारी कर्मचारियों की महाहड़ताल है। बाजार, और निजी संस्थान सामान्य रूप से खुले रहेंगे। सरकारी व निजी बसें नियमित रूप से चलेंगी।

साझा मुलाजिम मंच के प्रधान सुखचैन सिंह खैहरा ने कहा कि कर्मचारियों की मांग केवल डीए तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार डीए का मामला कर्मचारी अदालत से हासिल कर चुके हैं और अब सरकार से अदालत के आदेश लागू करवाने का दबाव बनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि 27 अगस्त को मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ साझा मुलाजिम फ्रंट की बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें कर्मचारियों की सभी मांगों पर चर्चा होगी। पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन के मुख्य सलाहकार सुनील कुमार के अनुसार हड़ताल के दौरान जिला स्तर पर सरकारी कार्यालयों में कामकाज बंद करके सरकार के पुतले फूंके जाएंगे। चंडीगढ़ में सचिवालय के सामने धरना दिया जाएगा।

क्या रहेगा बंद?

  • अस्पतालों, आयुष्मान आरोग्य केंद्रों और आम आदमी क्लिनिक में ओपीडी सेवाएं बंद रहेंगी।
  • सरकारी स्कूल, कालेज, यूनिवर्सिटी में काम नहीं रहेगा।
  • सिविल सचिवालय, डीसी कार्यालय, एसडीएम कार्यालय, तहसील, पटवारखाने और सेवा केंद्रों में नियमित कामकाज नहीं होगा।
  • पीडब्लूडी, नहरी विभाग, नगर निगम, स्वास्थ्य तथा वाटर एंड सैनिटेशन विभागों के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल होंगे।
  • पावरकाम के दफ्तरों, कैश काउंटर और ट्रेजरी बंद रहेगी।

क्या खुला रहेगा

  • प्राइवेट स्कूल, कालेज, अस्पताल, निजी कार्यालय और निजी बस सेवाएं सामान्य रूप से चलेंगी।
  • बाजार, दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान खुले रहेंगे। दूध की सप्लाई, सब्जियों की आवाजाही और रेल यातायात पर भी असर नहीं पड़ेगा।

क्या हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

लंबित महंगाई भत्ता जारी करना, नई पेंशन स्कीम खत्म कर पुरानी पेंशन योजना बहाल करना, कच्चे, कान्ट्रैक्ट और आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करना, एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (एसीपी) स्कीम बहाल करना और वेतन विसंगतियां दूर करना।

17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती कर्मचारियों को पुराने और संशोधित वेतनमान का पूरा लाभ देना, मानदेय कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन लागू करने तथा पेंशनभोगियों के लंबित वित्तीय लाभ जारी करना

एसआईआर ड्यूटी वाले कर्मचारी भी रहेंग हड़ताल पर

सुखचैन सिंह खैहरा ने बताया कि यूनियन ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर एसआइआर ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश पर रहने की जानकारी दी है। उन्होंने कर्मचारियों को हड़ताल के दिन काम के लिए बाध्य नहीं करने की मांग की है।

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