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हरियाणा सरकार ने गठित की उद्योग-श्रमिक मैत्री परिषद, मुख्यमंत्री सैनी करेंगे अध्यक्षता

चंडीगढ़। हरियाणा में औद्योगिक विकास को गति देने और उद्योगपतियों तथा श्रमिकों के बीच विवादों को सुलझाने के लिए प्रदेश सरकार ने पहली बार उद्योग-श्रमिक मैत्री परिषद गठित कर दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खुद इस परिषद की कमान संभालेंगे।

श्रम मंत्री अनिल विज के साथ इस 20 सदस्यीय परिषद में छह विभागों के प्रशासनिक सचिव और उद्योगपतियों तथा श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है।

मुख्यमंत्री ने पिछले बजट में उद्योग और श्रम को एक-दूसरे का पूरक मानते हुए इनके बीच बेहतर समन्वय व सहयोग को बढ़ाने के लिए उद्योग-श्रमिक मैत्री परिषद बनाने की घोषणा की थी। अब श्रम विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन ने उद्योग-श्रमिक मैत्री परिषद के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है।

इसमें वित्त एवं योजना, गृह, ऊर्जा, श्रम, उद्योग एवं वाणिज्य, विकास एवं पंचायत विभाग के प्रशासनिक सचिवों के अलावा श्रम आयुक्त, निदेशक ईएसआइ, अतिरिक्त श्रम आयुक्त को शामिल किया गया है।

इसी तरह प्रगतिशील व्यापार एवं उद्योग संघ के अध्यक्ष दीपक मैनी, पंचकूला चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष अरुण ग्रोवर, कपारो ग्रुप के सीईओ विनोद के बापना, यूनो मिंडा समूह के कारपोरेट मामले के निदेशक डा. आनंदी एन सिन्हा, प्लाई बोर्ड एसोसिएशन यमुनानगर के प्रधान जुगल किशोर बिहानी, भारतीय मजदूर संघ के प्रधान अशोक कुमार तथा क्षेत्रीय संगठन सचिव पवन कुमार, आल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस के महासचिव अनिल पंवार और हिंद मजदूर सभा के अध्यक्ष सूर्य देव त्यागी को शामिल किया गया है।

परिषद के सभी गैर पदेन सदस्यों का कार्यकाल दो वर्ष होगा और वह अपने उत्तराधिकारी के मनोनीत होने तक पद पर बने रह सकते हैं।

उद्योग-श्रमिक मैत्री परिषद इन मामलाें पर रखेगी नजर

  • -आगामी वित्त वर्ष में न्यूनतम मजदूरी की मूल दरों का पुनरीक्षण एवं संशोधन
  • -औद्योगिक विवादों के त्वरित निपटान के लिए पांच नए श्रम न्यायालय खोलने की प्रक्रिया
  • -बावल और बहादुरगढ़ में 100 बिस्तरों वाले ईएसआइ अस्पताल तथा पंचकूला में ईएसआइ
  • डिस्पेंसरी भवन का निर्माण
  • -ईएसआइ अस्पताल एवं डिस्पेंसरी बनाने हेतु साहा, सोहना, खरखौदा, बहादुरगढ़, करनाल, फर्रुखनगर, चरखी दादरी, छछरौली, कोसली, घरौंडा, कैथल, कुरुक्षेत्र, पटौदी, गोहाना में रियायती दरों पर भूमि देने की प्रक्रिया
  • -गिग वर्कर्स को बीमा सुरक्षा और अन्य सुविधाओं के लिए शुरू किए गए विशेष पोर्टल की निगरानी
  • -पांच एकड़ तक के उद्योगों के कारखाना नक्शा व कारखाना लाइसेंस आवेदन पर निर्णय करने तथा 10 एकड़ तक के उद्योगों के कारखाना लाइसेंस का नवीनीकरण करने की
  • शक्तियां अतिरिक्त उपायुक्त को देने की समीक्षा

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