राज्यहरियाणा

हरियाणा में बेटियों के सशक्तिकरण को बढ़ावा, गांवों के लिए शुरू हुई नई पुरस्कार योजना

सिरसा : हरियाणा सरकार द्वारा द्वारा कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने और बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने के उद्देश्य से पीसी एंड पीएनडीटी अधिनियम के तहत बेस्ट विलेज अवार्ड योजना क्रियांवित की जा रही है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक जिले में जन्म के समय सर्वाधिक लिंगानुपात (सेक्स रेशियो एट बर्थ) वाले गांव को सम्मानित किया जाता है। प्रत्येक जिले में सर्वाधिक जन्म लिंगानुपात वाले एक गांव को 1.50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। वहीं पूरे हरियाणा में सर्वाधिक जन्म लिंगानुपात वाले गांव को 5 लाख रुपये का राज्य स्तरीय पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।जल आपूर्ति अपडेट

पीएनडीटी नोडल अधिकारी डा. संजय कुमार ने बताया कि राज्य पर्यवेक्षण बोर्ड के अनुसार केवल उन गांवों को चयन प्रक्रिया में शामिल किया गया है, जिनकी आबादी 5,000 या उससे अधिक है। चयन का आधार जनवरी से दिसंबर तक का एएनएम जन्म पंजीकरण डाटा रखा जाता है, क्योंकि यह गांव स्तर पर वास्तविक जन्म लिंगानुपात को दर्शाता है। योजना के तहत केवल उन्हीं गांवों पर विचार किया जाएगा, जहां निर्धारित अवधि के दौरान 30 से अधिक प्रसव दर्ज किए गए हों।शिक्षा समाचार उदयपुर

पीएनडीटी नोडल अधिकारी डा. संजय कुमार ने बताया कि पुरस्कार राशि का उपयोग गांवों में बेटियों के सशक्तिकरण के लिए किया जाएगा। इसके तहत उस वर्ष में दसवीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाली तीन मेधावी छात्राओं को छात्रवृत्ति दी जाएगी। राशि को छात्रा और उसकी माता (माता जीवित न होने पर पिता) के संयुक्त खाते में जमा कराया जाएगा। कुल पुरस्कार राशि में से 50 प्रतिशत प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा, 30 प्रतिशत द्वितीय तथा 20 प्रतिशत तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा को दिया जाएगा। यदि दो छात्राओं की मेरिट समान होती है तो राशि का समान वितरण किया जाएगा।

योजना के अंतर्गत पूरे हरियाणा में सर्वाधिक जन्म लिंगानुपात वाले गांव को 5 लाख रुपये का राज्य स्तरीय पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। यह सम्मान ग्राम पंचायत के साथ-साथ संबंधित चिकित्सा अधिकारी, एएनएम, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को भी मिलेगा। राज्य स्तरीय पुरस्कार राशि का उपयोग विद्यालय, विशेषकर बालिका विद्यालय में एक अतिरिक्त कक्ष के निर्माण के लिए किया जाएगा। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद उपयोगिता प्रमाण पत्र संबंधित जिले के सिविल सर्जन द्वारा सत्यापित कर राज्य मुख्यालय को भेजा जाएगा। यह योजना बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करने, लिंगानुपात में सुधार लाने तथा समाज में बालिका शिक्षा एवं महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

सिविल सर्जन डॉ. पवन कुमार ने बताया कि जिले के सर्वश्रेष्ठ गांव से जुड़े स्वास्थ्य एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। इनमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी,  एएनएम,  आशा कार्यकर्ता,  आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तथा ग्राम पंचायत के सदस्य शामिल होंगे। इन सभी को उपायुक्त द्वारा सम्मानित किया जाएगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button