नेरी मार्ग पर जनजीवन अस्त-व्यस्त, प्रधान की कथित लापरवाही से आक्रोश

वीरेश शुक्ला / दैनिक बालजी
सीतापुर। पिसावां ब्लॉक की नेरी ग्राम पंचायत का मुख्य मार्ग इन दिनों दलदल में तब्दील हो चुका है, जिससे ग्रामीणों, खासकर नन्हे-मुन्नों और राहगीरों का चलना दूभर हो गया है। सड़क पर पसरा कीचड़ और जलभराव लगातार हादसों का सबब बन रहा है, और लोग आए दिन गिरकर चोटिल हो रहे हैं। यह मार्ग संसडा, पकरिया, जहाँसापुर, अमिरता, मोहरनिया, शाहतीनगर जैसे कई गांवों के लिए जीवनरेखा है।
ग्रामीणों में ग्राम प्रधान नूर हसन के प्रति भारी आक्रोश है, जिन पर आरोप है कि वे “कमाने-खाने” में व्यस्त हैं और जनता की परेशानी पर ध्यान नहीं दे रहे। स्थानीय लोगों ने पहले भी नेरी बाजार में जलभराव और जलकुंभी की समस्या से प्रधान को अवगत कराया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अब ग्रामीण, जिनमें अवधेश सिंह, राकेश सिंह, गोपाल कृष्ण मिश्रा, बृजेश, बृजेंद्र, विनोद शामिल हैं, ने प्रशासन से सख्त लहजे में मांग की है कि इस रास्ते को तुरंत दुरुस्त किया जाए और अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ने वाले प्रधान को दंडित किया जाए। उनका कहना है कि गांव की समस्याओं के लिए प्रधान ही सीधे तौर पर उत्तरदायी होता है।





