
चंडीगढ़। जगतार सिंह हवारा को बीमार मां की देखभाल के लिए पैरोल दिए जाने का को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को इस मुद्दे को लेकर राजभवन पहुंचे और राज्यपाल से गुलाबचंद कटारिया से मुलाकात की। हवारा की मां की बीमारी को देखते हुए उन्हें मानवीय आधार पर पैरोल देने की मांग उठाई गई थी।
परिवार की ओर से कहा गया है कि बीमारी की स्थिति में मां को बेटे की जरूरत है। इसी आधार पर हवारा को कुछ समय के लिए पैरोल दिए जाने की मांग की जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया के साथ मुलाकात की। मुलाकात के दौरान हवारा को पैरोल दिए जाने के मामले पर चर्चा की गई। हालांकि, मुलाकात के बाद इस संबंध में तत्काल कोई अंतिम निर्णय सार्वजनिक नहीं किया गया।
पैरोल का मामला जेल प्रशासन और संबंधित कानूनी प्रक्रिया से जुड़ा होता है। ऐसे में मुख्यमंत्री की ओर से राज्यपाल के समक्ष मामला उठाए जाने के बाद अब आगे की प्रक्रिया पर नजर रहेगी।
जाने क्या है मामला
जगतार सिंह हवारा लंबे समय से जेल में बंद हैं। उनकी मां के बीमार होने के बाद परिवार की ओर से उनकी देखभाल के लिए हवारा को पैरोल देने की मांग सामने आई। मांग का आधार उनकी मां की बीमारी और परिवार की परिस्थितियों को बताया गया है।
हवारा को पैरोल दिए जाने का मुद्दा सामने आने के बाद इसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा शुरू हुई। अब मुख्यमंत्री भगवंत मान के राज्यपाल से मिलने के बाद इस मामले को लेकर सरकार के रुख को लेकर भी तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
मानवीय आधार पर पैरोल की मांग
हवारा की पैरोल की मांग का मुख्य आधार उनकी मां की बीमारी है। मांग करने वालों का तर्क है कि गंभीर बीमारी की स्थिति में मां की देखभाल के लिए बेटे को उनके पास रहने का अवसर मिलना चाहिए। इसी मानवीय पक्ष को मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के समक्ष उठाया है।
अब देखना होगा कि संबंधित स्तर पर इस मामले में क्या निर्णय लिया जाता है और हवारा को पैरोल मिलती है या नहीं। मुख्यमंत्री और राज्यपाल की मुलाकात के बाद यह मामला एक बार फिर पंजाब की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में चर्चा के केंद्र में आ गया है।





