पंजाबराज्य

’25 साल राज की बात करने वालों के पास 25 उम्मीदवार भी नहीं’: भगवंत मान का अकाली दल और कांग्रेस पर बड़ा जुबानी हमला

पंजाब के सीएम भगवंत मान ने आज (3 नवंबर) को मोहाली मे विभिन्न विभागों में भर्ती 801 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए। साथ विरोधी पार्टियों पर जमकर जुबानी हमला बोला। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार को बने पौने 5 साल हुए हैं। कोई एक रुपए लेने का इल्जाम मुझ पर लगाकर दिखा दें।

सीएम ने कहा कि विरोधी पार्टियों वाले बड़ा कुछ कहेंगे। वोटें आ गई हैं। कोई ईडी भेजेगा, कोई सीबीआई की रेड करवाएगा। इन्हें चुनाव जीतना आ गया है। बंगाल में भी ऐसे ही करते थे। अब वोट काटेंगे, वोट बनवाएंगे। लेकिन जितना समय आप मेरे साथ हो। मुझे किसी चीज की फ्रिक नहीं है। मुझे आपका साथ चाहिए।

25 साल राज वालों को टिकट देने के लिए 25 नहीं मिल रहे

सीएम ने कहा कि पंजाब में हॉकी टूर्नामेंट चल रहा है। जालंधर में मैच खत्म हो गए हैं। कल से मीफाइनल मोहाली में और परसों फाइनल होगा। पंजाब खेलों के लिए जाना जाता है। कबड्डी, गिद्दा और भंगड़े के लिए जाना जाता था। इन्होंने (विरोधी पार्टियों ने) इसे चिट्टे, टीकों और कैप्सूल के लिए मशहूर कर दिया।

कहा जाता है कि भगवान सब देखता है। जो कहते हैं कि 25 साल राज करेंगे (अकाली दल), उन्हें टिकट देने के लिए 25 लोग भी नहीं हैं। अब जीरो है। पेपर दो, नौकरी की चिट्ठी घर पर आएगी।

अकाली दल और कांग्रेस ने पंजाब बर्बाद किया

सीएम मान ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस ने पंजाब को बर्बाद कर दिया। ये अपनी कुर्सियों की लड़ाई लड़ते हैं, लेकिन युवाओं के लिए कुछ नहीं करते। बस इन्हें सीएम की कुर्सी चाहिए। मुझे गालियां निकालते हैं। ठेकों और रेत के कारोबार में हिस्सा डाल लिया। पहले अटैची तोलकर बता दें कि उसका वजन कम है। पहले तोलकर पैसे लेते थे।

जितने मर्जी पैसे इकट्ठे कर लें। लेकिन साथ कुछ नहीं जाए। अकाली दल और कांग्रेस वालों के साथ हाथ मिलाने पर उंगलियां गिननी पड़ती हैं कि कहीं कोई उंगली तो नहीं ले जाएंगे। यह उंगली तो ले जाते है। अगर उंगली नहीं ले गए तो छाप और छल्ले ले जाते है।

जनता का पैसा, जनता को दे रहे है

सीएम मान ने कहा कि विरोधी पार्टियां कहती हैं कि भगवंत मान पैसे लुटा रहे हैं। यह पैसा किसका है? जनता का ही पैसा है। इसमें क्या हर्ज है? इसी पैसे से स्कूल, सड़कें, आम आदमी क्लीनिक, सेहत योजनाओं और खेल मैदानों के रूप में विकास कार्य किए जा रहे हैं। सरकारें जिंदाबाद या मुर्दाबाद के लिए नहीं होतीं। हम आपकी तरह लूटते तो नहीं हैं।

यह अधिकारियों की मेहनत है, जो अंदरूनी स्तर पर काम करते हैं। 600 से अधिक नौकरियां और दी जानी हैं। अगले सप्ताह ये नौकरियां दे दी जाएंगी। ईमानदारी से काम करो। नौकरियां सिफारिश नहीं मेरिट के आधार पर दी जा रही है। पहले तो नौकरी के बदले नोटों के अटैची भरकर देने पड़ते थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button