अयोध्याउत्तर प्रदेश

लावारिस बैग में अस्त्र-शस्त्र मिलने की घटना से हिला प्रशासन, कचहरी की सुरक्षा पर लगा बड़ा प्रश्न चिन्ह

अधिवक्ताओं ने जिला प्रशासन से उक्त घटना की गहनता से जांच करने की की मांग

बलराम मौर्य/बालजी हिन्दी दैनिक
अयोध्या। कचहरी में लावारिस बैग में दो देसी कट्टा और चार जिंदा कारतूस बरामद होने पर हड़कंप मच गया। कचहरी में अफरा तफरी के बीच जिला जज, डीएम, एसएसपी सहित पुलिस के आला अधिकारी व प्रशासनिक अमलो ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच पड़ताल कर जायजा लिया। कचहरी में बरामदा नंबर पांच में एक वकील के तख्ते पर बरामद लावारिस बैग को सुबह 9:00 बजे की रूटीन चेकिंग में डाक स्क्वायड टीम ने बरामद किया है। इस घटना को लेकर जहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तमाम सवाल खड़े हो गए हैं वहीं तरह-तरह की चर्चा भी हो रही हैl कि कोई इसे आतंकी संगठनों से जोड़कर देख रहा हैl तो वहीं कोई इसे शरारती तत्वों की शरारत बता रहा। लेकिन इस घटना को लेकर आज आला अधिकारियों की फौज सक्रिय हुई है। लेकिन आम अधिवक्ताओं में एक बार फिर 7 नंबर वाली आतंकी बड़ी बम विस्फोट की घटना की याद ताजा हो गई है। जिसमें वकील राधिका प्रसाद तिवारी सहित चार लोगों की मृत्यु हो गई थी और दर्जनों वकील व वादकारी घायल हो गए थे। उक्त घटना के उपरांत कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उच्च न्यायालय के संरक्षण में सुरक्षा व्यवस्था को अमली जामा पहनाने का निर्णय लिया गया था। जिसमें कचहरी के चारों तरफ 11 फीट ऊंची दीवाल बनी पुलिस चौकी स्थापित की गई हर गेट पर मेटल डिटेक्टर के साथ पुलिस की चेकिंग टीम लगाई गई थी। समय-समय पर इसकी निगरानी करने का निर्णय लिया गया था। जिसे महज खाना पूर्ति बताते हुए आज की घटना ने फिर एक बार प्रशासनिक व्यवस्थाओं में भारी चूक व कपोल कल्पित साबित करते हुए महज खानापूर्ति का जामा पहना दिया। जिसका जीता जागता उदाहरण आज उक्त घटना से जोड़ कर देखा जा रहा है। महज लावारिस बैग में जो मिला है वह लगता है कि भय फैलाने के लिए रखा गया था। सवाल ये पैदा हो रहा है कि इतनी सुरक्षा व्यवस्था होते हुए भी इस तरह के हथियार कचहरी परिसर में कैसे पहुंचे। लेकिन इन सारी सुरक्षा व्यवस्थाओं के बीच बड़ी घटना भी हो सकती थी। कई अधिवक्ताओं ने इस घटना की निंदा करते हुए पूरे प्रकरण की जांच करने की मांग की है और कहा कि किन परिस्थितियों में ऐसी चीज हुई इसकी गहन जांच जरूरी है। संघ अध्यक्ष सूर्य नारायण सिंह मंत्री गिरीश चंद्र तिवारी ने घटना की निंदा करते हुए कचहरी की सुरक्षा में हुई चूक को गंभीरता से लिया है और जांच की मांग करते हुए सुरक्षा मानकों को लागू करने की मांग की है। पूर्व अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र पूर्व अध्यक्ष सुशील चौबे, वरिष्ठ अधिवक्ता सुधाकांत त्रिपाठी,राधा रमण पाठक,सुनील त्रिपाठी, राजेश उपाध्याय, पप्पू सिंह,सरोज मिश्रा,आदि ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। और कहां की इस तरह की लापरवाही में यदि सुधार नहीं हुआ तो कभी भी कचहरी परिसर में बड़ी घटना को अंजाम दिया जा सकता है। पुलिस प्रशासन की लापरवाही उजागर करने और जांच कर कार्रवाई की मांग पूर्व उपाध्यक्ष ओंकार तिवारी ने भी इस घटना की निंदा करते हुए पुलिस प्रशासन की भारी चूक और बड़ी लापरवाही बताया है। और मानकों को लागू करने की मांग की है, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं नोटरी एसोसिएट अध्यक्ष नाथ बख्श सिंह ने पूरे कचहरी एवं न्यायालय कैंपस में सीसीटीवी कैमरा लगाने की मांग की है जिससे इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति ना हो सके।

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