झारखण्डराज्य

झारखंड कृषि निदेशालय में कथित भ्रष्टाचार पर किसान सभा का बड़ा आरोप, केंद्र से उच्चस्तरीय जांच की मांग

रांची: झारखंड के कृषि निदेशालय में कथित तौर पर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा ने केंद्र सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय का ध्यान आकृष्ट कराया है. शनिवार दिल्ली में किसान सभा के राष्ट्रीय सचिव केडी सिंह एवं सीपीआई के राज्य कार्यकारिणी सदस्य सह जिला मंत्री अजय सिंह ने दिल्ली स्थित कृषि भवन में डिप्टी कमिश्नर योगेश ए. रौंडल को ज्ञापन सौंपकर मामले में उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग की है.

अखिल भारतीय किसान सभा की ओर से केंद्रीय कृषि मंत्रालय को सौंपे ज्ञापन में यह आरोप लगाया गया है कि झारखंड कृषि निदेशालय ने वर्ष 2023 में गंभीर अनियमितताओं के चलते 14 कंपनियों को काली सूची में डाला था. इनमें मोहित इंडिया, मेक नाउ इंडस्ट्रीज, ग्लोबल मैकेनिकल इक्विपमेंट, प्रीमियर इरिगेशन एग्रीटेक प्रा. लि., निंबस पाइप्स लि., मोहित पॉलिटेक प्रा. लि., वेदांता पॉलीमर्स प्रा. लि., रूंगटा इरीगेशन लि., श्री भंडारी प्लास्टिक प्रा. लि., भारत ड्रिप इरीगेशन एंड एग्रो, आर.एम. ड्रिप एंड स्प्रिंकलर सिस्टम लि., समय इरीगेशन प्रा. लि., दिनेश इरीगेशन प्रा. लि. और इरिलिंक ड्रिप इरीगेशन इंडस्ट्रीज शामिल हैं.

CIPET जांच रिपोर्ट को लेकर सवाल

सीपीआई के ही संगठन ‘अखिल किसान सभा’ का दावा है कि इन कंपनियों को 30 दिनों के भीतर तार्किक आदेश के आधार पर काली सूची से मुक्त किया गया था. इसके लिए एक प्रमुख शर्त यह थी कि किसानों के खेतों में लगाए गए कथित कम गुणवत्ता वाले उपकरणों के बैच नंबर बदलकर उन्हें दोबारा CIPET से जांच कराई जाए और जांच रिपोर्ट कृषि निदेशक, रांची को सौंपी जाए. ज्ञापन के अनुसार, संबंधित जांच रिपोर्ट अब तक कृषि निदेशक को प्राप्त नहीं हुई है.

18 मार्च 2024 के आदेश का हवाला

कृषि मंत्रालय भारत सरकार के डिप्टी कमिश्नर योगेश ए. रौंडल को सौंपे ज्ञापन के अनुसार तत्कालीन कृषि निदेशक ताराचंद द्वारा 18 मार्च 2024 को जारी आदेश का भी उल्लेख किया गया है. आरोप है कि आदेश में CIPET की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने तक संबंधित कंपनियों के कार्यादेश शिथिल रखने तथा हजारीबाग उपायुक्त की रिपोर्ट के आधार पर FIR दर्ज करने का निर्देश दिया गया था. किसान सभा का दावा है कि इसके बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है.

भारत ड्रिप इरीगेशन एंड एग्रो पर विशेष सवाल

किसान सभा ने भारत ड्रिप इरीगेशन एंड एग्रो को लेकर विशेष जांच की मांग की है. ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि काली सूची में रहने के बावजूद इसी कंपनी को सबसे अधिक कार्यादेश और भुगतान किया जा रहा है. संगठन ने झारखंड में कंपनी द्वारा किए गए सभी कार्यों की सूची सार्वजनिक करने तथा जिला स्तर पर संयुक्त सचिव की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित करने की मांग की है. इसमें CPI के प्रतिनिधियों को भी शामिल करने का अनुरोध किया गया है.

ये है अखिल भारतीय किसान सभा की तीन प्रमुख मांगें

अखिल भारतीय किसान सभा ने केंद्र से हस्तक्षेप करते हुए झारखंड सरकार को सभी 14 कंपनियों के कार्यादेश और भुगतान पर रोक लगाने का निर्देश देने की मांग की है. इसके अलावा पूरे मामले की जांच के लिए SIT गठित करने, उच्चस्तरीय जांच कराने और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के तहत दिए गए अनुदान की वसूली की संभावनाओं पर विचार करने का आग्रह किया गया है.

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