पंजाबराज्य

आम आदमी क्लीनिकों ने 2000 करोड़ रुपये के स्वास्थ्य खर्च में दी राहत, डिजिटल और पारदर्शी सेवा

चंडीगढ़। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की दूरदर्शी सोच से शुरू किए गए “आम आदमी क्लीनिक ” आज पंजाब में जनस्वास्थ्य का मजबूत आधार बन चुकी है। 15 अगस्त 2022 को शुरू हुई इस पहल ने बेहद कम समय में स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा और दशा दोनों बदल दी हैं। आज यह योजना सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण इलाज का पर्याय बनकर उभरी है।

अक्टूबर 2025 तक राज्य में 881 आम आदमी क्लीनिक सफलतापूर्वक कार्यरत हैं, जिनमें 316 शहरी और 565 ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं। इन क्लीनिकों में अब तक 4.20 करोड़ से अधिक मरीजों का उपचार किया जा चुका है और 80 लाख से ज्यादा मुफ्त डायग्नोस्टिक टेस्ट हुए हैं। रोजाना औसतन 73,000 मरीज यहां इलाज के लिए पहुंचते हैं। खास बात यह है कि इनमें 54 प्रतिशत महिलाएं हैं, जो महिलाओं की स्वास्थ्य सेवाओं तक बढ़ती पहुंच और विश्वास को दर्शाता है।

आम आदमी क्लीनिकों में 107 प्रकार की मुफ्त दवाइयां और 47 तरह के जांच परीक्षण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मरीजों की संतुष्टि दर इस योजना की सफलता की सबसे बड़ी गवाही है—98 प्रतिशत मरीजों को सभी जरूरी दवाइयां क्लीनिक से ही मिलीं। इतना ही नहीं, 4.20 करोड़ मरीजों में से 2.7 करोड़ दोबारा इलाज के लिए लौटे, जो सेवा की गुणवत्ता और जनविश्वास को मजबूती से रेखांकित करता है।

इस योजना का आर्थिक प्रभाव भी उल्लेखनीय है। आम आदमी क्लीनिकों की बदौलत लोगों ने अब तक करीब 2000 करोड़ रुपये के स्वास्थ्य खर्च से राहत पाई है। हर क्लीनिक आईटी-सक्षम डिजिटल सिस्टम से जुड़ा है, जिससे पंजीकरण से लेकर परामर्श, जांच और दवा पर्ची तक की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और तेज हो गई है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के शब्दों में, यह पहल जनता के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। आज आम आदमी क्लीनिक केवल इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि स्वस्थ, सशक्त और आत्मनिर्भर पंजाब के निर्माण का प्रतीक बन चुके हैं।

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