पेपर लीक अपराध पर फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला निर्णायक, प्रतिभा के साथ होगा न्याय: सीएम योगी

गोरखपुर/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा का स्वागत करते हुए इसे नए भारत की निर्णायक पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह फैसला युवाओं की प्रतिभा और मेहनत के साथ न्याय सुनिश्चित करेगा तथा परीक्षा प्रणाली से खिलवाड़ करने वालों को शीघ्र, कठोर और निर्णायक सजा दिलाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए भारत में युवाओं का हित सर्वोपरि है। प्रधानमंत्री का यह निर्णय स्पष्ट संदेश देता है कि प्रतिभाशाली छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि अब परिश्रम को उसका सम्मान मिलेगा और कानून ऐसे अपराधियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई करेगा।
इससे पहले गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व की कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की सरकारों ने छात्र-युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन सरकारों के समय युवाओं के सामने पहचान और रोजगार का संकट खड़ा हो गया था तथा उन्हें रोजगार देने के बजाय बेरोजगार रखने का पाप किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार युवाओं को रोजगार और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने पेपर लीक के मुद्दे पर हो रही राजनीति की भी आलोचना करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े विषयों पर राजनीति नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था से पेपर लीक जैसे मामलों का शीघ्र निपटारा होगा और दोषियों को समयबद्ध सजा मिलेगी। इससे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी, युवाओं का विश्वास मजबूत होगा और ईमानदारी से मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित होगी।
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