
चंडीगढ़। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार को पंजाब और हरियाणा में बड़े स्तर पर छापेमारी अभियान चलाते हुए 18 स्थानों पर एक साथ तलाशी ली। यह कार्रवाई पाकिस्तान आधारित आतंकी शहजाद भट्टी से जुड़े आतंकवादी-गैंगस्टर नेटवर्क की जांच के तहत की गई।
जानकारी के अनुसार, एनआईए की टीमों ने पंजाब और हरियाणा के नौ जिलों में एक साथ छापेमारी की। इस दौरान कई संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई तथा डिजिटल उपकरण, मोबाइल फोन, लैपटॉप और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए। एजेंसी ने संचार नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन और अन्य गतिविधियों से संबंधित अहम जानकारी भी जुटाई है।
सूत्रों के अनुसार, जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इससे सीमा पार संचालित आतंकी नेटवर्क और बड़ी साजिशों का खुलासा हो सकता है।
कई मामलों से जुड़े मिले तार
एनआईए की जांच में सामने आया है कि जालंधर में मार्च 2025 में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रोजर संधू के घर पर हुए ग्रेनेड हमले की साजिश शहजाद भट्टी ने रची थी। इस मामले में अप्रैल 2026 में एनआईए ने भट्टी को भगोड़ा घोषित करते हुए आरोपपत्र दाखिल किया था।
इसके अलावा, हरियाणा के सिरसा में महिला पुलिस थाने में नवंबर 2025 में हुए विस्फोट और अंबाला के बलदेव नगर पुलिस स्टेशन में जनवरी 2026 में हुए कार बम धमाके के पीछे भी शहजाद भट्टी का नाम सामने आया है। सिरसा मामले में एनआईए पहले ही भट्टी और पाकिस्तान स्थित हैंडलर सोहेल अहमद उर्फ सोहेल बलोच समेत नौ आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है।
मानसा में भी हुई कार्रवाई
पंजाब के मानसा जिले के कुलाना गांव में भी एनआईए ने छापेमारी की। बताया जा रहा है कि गांव निवासी यदविंदर सिंह के पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी के साथ कथित संपर्कों की जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, यदविंदर सिंह और शहजाद भट्टी के बीच हुई चैट और फोन बातचीत एजेंसी के रडार पर है। इसी संबंध में एनआईए ने संबंधित डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं।
एनआईए ने मामले में कुछ लोगों को आगे की पूछताछ के लिए नोटिस भी जारी किए हैं। एजेंसी का कहना है कि आतंकवादी गतिविधियों और सीमा पार से संचालित नेटवर्क से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है।





