
रायपुर: छत्तीसगढ़ में वन्यजीव तस्करी के मामले में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. इंद्रावती टाइगर रिजर्व क्षेत्र से जुड़े इस मामले की जांच अब CBI से कराने की तैयारी की जा रही है. वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि मामले के तार दूसरे राज्यों तक जुड़े होने की आशंका है, इसलिए पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए CBI जांच कराई जाएगी.
इंद्रावती टाइगर रिजर्व में कार्रवाई के बाद बड़ा फैसला
इंद्रावती टाइगर रिजर्व क्षेत्र में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान तस्करों की गिरफ्तारी की गई थी. प्रारंभिक जांच में इस मामले के पीछे एक बड़े संगठित नेटवर्क की आशंका सामने आई है. जांच एजेंसियों को संदेह है कि तस्करी का नेटवर्क केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार दूसरे राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं.
पूरे नेटवर्क तक पहुंचने के लिए CBI जांच
वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच CBI को सौंपने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है. CBI जांच के जरिए आरोपियों के संपर्क, अंतरराज्यीय कनेक्शन और वन्यजीव तस्करी के पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल की जाएगी.
वन विभाग तैयार कर रहा प्रस्ताव
मामले की जांच CBI को सौंपने के लिए छत्तीसगढ़ वन विभाग की ओर से प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. प्रस्ताव तैयार होने के बाद इसे आगे की प्रक्रिया के लिए भेजा जाएगा. CBI जांच से इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों और बड़े नेटवर्क तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है.
अंतरराज्यीय गिरोह की जांच पर रहेगा फोकस
वन विभाग की प्रारंभिक जांच में तस्करी के संगठित और अंतरराज्यीय नेटवर्क की आशंका जताई गई है. CBI जांच होने पर तस्करी के पूरे चैनल, गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित अंतरराज्यीय कनेक्शन की विस्तृत जांच की जा सकेगी.


