यूपी के छात्रों के लिए राहत, 2025-26 में छूटी छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का मिलेगा भुगतान

लखनऊ। वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न तकनीकी और अन्य कारणों से कक्षा 10 पास करने वाले छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित रह गए पात्र छात्रों को राहत मिलने जा रही है।
शासन ने ऐसे छात्रों के लंबित मामलों को निस्तारित कर इसी वित्तीय वर्ष में छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का भुगतान करने के लिए पोर्टल खोलने की समय-सारिणी जारी कर दी है। इसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के पात्र छात्र शामिल होंगे।
समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग यादव ने 29 अगस्त को इस संबंध में निदेशक समाज कल्याण को निर्देश जारी किए हैं।
शासन के अनुसार, वर्ष 2025-26 में कई छात्रों के आवेदन शिक्षण संस्थान स्तर पर लंबित रहने, मास्टर डाटा लाक न होने, गलत डाटा अपलोड होने, आवेदन लंबित या रिजेक्ट होने और बैंक ट्रांजेक्शन फेल होने जैसे कारणों से भुगतान नहीं हो सका था।
अब इन आवेदनों में जरूरी संशोधन कर पात्र छात्रों को योजना का लाभ दिया जाएगा। जारी समय-सारिणी के अनुसार एक से सात सितंबर तक शिक्षण संस्थान मास्टर डाटा को अपडेट करेंगे।
इसमें पाठ्यक्रम, पाठ्यक्रम का प्रकार, सीटों की संख्या, निर्धारित शुल्क और संबद्ध विश्वविद्यालय आदि की जानकारी को डिजिटल हस्ताक्षर से प्रमाणित करना होगा।
दो से आठ सितंबर तक विश्वविद्यालय अथवा संबंध संस्थान फीस समेत अन्य विवरणों का सत्यापन करेंगी, जबकि तीन से नौ सितंबर तक जिला समाज कल्याण अधिकारी स्तर से इसका सत्यापन किया जाएगा।
इसके बाद एनआइसी की ओर से आवेदनों की स्क्रूटनी की जाएगी। 11 से 15 सितंबर तक त्रुटिपूर्ण आवेदन शिक्षण संस्थानों के लागिन पर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि उनमें सुधार किया जा सके। 16 से 18 सितंबर तक संस्थान आवेदन में हुई त्रुटियां ठीक करेंगे और 17 से 19 सितंबर तक सत्यापित एवं पात्र आवेदन आगे बढ़ाए जाएंगे।
29 सितंबर से शुरू होगा भुगतान
सही किए गए आवेदनों की दोबारा स्क्रूटनी के बाद जिला स्तरीय समिति शुद्ध डाटा को लाक करेगी। इसके बाद 29 सितंबर से दो अक्टूबर तक पीएफएमएस के माध्यम से पात्र छात्रों के आधार सीडेड अथवा एनपीसीआइ से मैप्ड बैंक खातों में छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि भेजी जाएगी।

