
धनबाद: झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकार (जेआरडीए) की प्रबंध पर्षद की बैठक में बेलगड़िया टाउनशिप के विकास, विस्थापित परिवारों के पुनर्वास और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा की गई. गुरुवार को समाहरणालय में उपायुक्त सह जेआरडीए के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी आदित्य रंजन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में 61 से अधिक प्रस्तावों की समीक्षा की गई और आवश्यक अनुमोदन पर विचार हुआ.
बैठक में संशोधित झरिया मास्टर प्लान के तहत संचालित योजनाओं, पुनर्वास कार्यों, आधारभूत संरचना के विस्तार, कौशल विकास और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठे. वित्तीय वर्ष 2025-26 की ऑडिट रिपोर्ट के साथ 30 सितंबर 2026 तक के फंड के उपयोग और बची हुई राशि को भी मंजूरी दी गई.
सीवरेज, पेयजल और बिजली व्यवस्था में होगा सुधार
बेलगड़िया टाउनशिप में आधुनिक एसबीआर तकनीक पर आधारित 5.2 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना, टर्शियरी ट्रीटमेंट सिस्टम और सीवर नेटवर्क के निर्माण से संबंधित डीपीआर एवं निविदा दस्तावेजों पर चर्चा हुई. दामोदर नदी से बेलगड़िया तक जलापूर्ति परियोजना के दायरे में करमाटांड़ पुनर्वास टाउनशिप को शामिल कर वहां भी शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर विचार किया गया.
इसके अलावा फेज-1 के तहत निर्मित 2,352 आवासीय इकाइयों में लगाए गए रूफटॉप सोलर संयंत्रों से ग्रिड को बिजली आपूर्ति, नए विद्युत सब-स्टेशन के निर्माण और 500 सोलर एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना की समीक्षा की गई.
स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर
बेलगड़िया टाउनशिप में जेआरडीए की ओर से कराए जाने वाले सिविल निर्माण कार्यों में कम से कम 20 प्रतिशत स्थानीय अकुशल श्रमिकों को रोजगार देने के प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श हुआ. युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आवासीय कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने, मेगा स्किल सेंटर के पांच ब्लॉकों का उपयोग करने और सामुदायिक संस्थाओं की क्षमता बढ़ाने के लिए बाहरी एजेंसी के चयन पर चर्चा की गई.
स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पोल्ट्री फार्मिंग, सर्कुलर हैचरी के माध्यम से मत्स्य पालन और व्यावसायिक डेयरी फार्मिंग को प्रोत्साहित करने के प्रस्ताव भी बैठक में रखे गए. इसके साथ ही आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली के तहत मानक संचालन प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने और आवास आवंटन के लिए पात्रता तय करने से संबंधित नीतिगत पहलुओं पर चर्चा हुई.
आवासीय कमियां दूर करने के लिए संवेदकों को एक महीने का समय
बैठक में बेलगड़िया टाउनशिप के फेज-4 के आवासों में मौजूद कमियों और निर्माण संबंधी दोषों को दूर कर उन्हें रहने योग्य बनाने पर विशेष जोर दिया गया. फेज-5 के निर्माण कार्यों की समय-सीमा निर्धारित करने पर भी विचार किया गया.
उपायुक्त आदित्य रंजन ने स्पष्ट निर्देश दिया कि आवासों की कमियों और निर्माण दोषों को दूर करने के लिए संबंधित संवेदकों को एक महीने का समय दिया जाएगा. निर्धारित अवधि में खामियां दूर नहीं होने पर संबंधित संवेदक को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी.
स्वास्थ्य, परिवहन और अन्य सुविधाओं का होगा विस्तार
बैठक में बेलगड़िया के हेल्थ सब-सेंटर के सुचारु संचालन के लिए चिकित्सा पदाधिकारी और स्टाफ नर्स की नियुक्ति, आवश्यक दवाओं एवं उपकरणों की उपलब्धता पर चर्चा हुई. विस्थापित परिवारों के आवागमन को सुविधाजनक बनाने के लिए पहले से चल रही दो इलेक्ट्रिक बसों के अतिरिक्त 40 सीटों वाली एक नई इलेक्ट्रिक बस खरीदने तथा स्कूली बच्चों के लिए दो स्कूल वैन किराये पर लेने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई.
इसके अलावा बेलगड़िया में गेस्ट हाउस और स्टेडियम के निर्माण, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली के तहत आवंटित आवासों में प्रभावित परिवारों को जल्द स्थानांतरित करने और डेयरी फार्म विकसित करने के लिए उपयुक्त जमीन चिह्नित करने के निर्देश दिए गए. उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों और कार्य एजेंसियों को सभी विकास एवं पुनर्वास योजनाओं को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया.
ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल, उप विकास आयुक्त सन्नी राज, अपर समाहर्ता प्रदीप कुमार शुक्ला, झरिया मास्टर प्लान के महाप्रबंधक राजीव चोपड़ा, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी राम नारायण खालको, कार्यपालक दंडाधिकारी नारायण राम सहित जेबीवीएनएल, सीएमपीडीआईएल, बीसीसीएल और जेआरडीए के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे.


