
चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा चुनाव में अब करीब छह महीने का समय शेष है और भाजपा ने प्रदेश में अपनी चुनावी गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने सितंबर और अक्टूबर में अपने शीर्ष नेतृत्व के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करनी शुरू कर दी है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संभावित कार्यक्रमों को लेकर पार्टी स्तर पर तैयारियां चल रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी अक्टूबर में तीन दिन पंजाब में रह सकते हैं। हालांकि, अभी दौरे की तारीख तय नहीं हुई है। पार्टी का प्रयास है कि उनके कार्यक्रम को अमृतसर, जालंधर, लुधियाना और पटियाला के आसपास केंद्रित किया जाए।
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री पहले दिन माझा क्षेत्र के कई विधानसभा क्षेत्रों से रोड शो के माध्यम से गुजर सकते हैं। उनके रात्रि विश्राम के लिए राधा स्वामी सत्संग ब्यास के मुख्यालय पर विचार किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री की जनसभा को लेकर भी पार्टी में मंथन चल रहा है। भाजपा के कुछ नेता बठिंडा अथवा पटियाला में जनसभा कराने के लिए राष्ट्रीय नेतृत्व से संपर्क में हैं। बठिंडा से पटियाला तक रोड शो की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री कार्यालय और भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व मिलकर दौरे की अंतिम रूपरेखा तैयार करेगा।
केंद्र की घोषणाओं पर भी मंथन
प्रधानमंत्री के दौरे को चुनावी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी स्तर पर यह आकलन किया जा रहा है कि केंद्र सरकार पंजाब के लिए किन योजनाओं, परियोजनाओं या घोषणाओं की घोषणा कर सकती है।
इसके साथ ही जनता के समक्ष रखे जाने वाले संभावित वादों पर भी मंथन शुरू हो गया है।
18 सितंबर से नशे और कानून-व्यवस्था के खिलाफ यात्रा
इसी कड़ी में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 18 सितंबर को पठानकोट से पंजाब में नशे और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर यात्रा की शुरुआत करेंगे। भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में नशे और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को प्रमुख मुद्दा बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।
19 से 21 सितंबर के बीच प्रदेश के अन्य हिस्सों से भी यात्राएं निकाली जाएंगी। इन यात्राओं की संभावित शुरुआत श्री केसगढ़ साहिब, तलवंडी साबो और फाजिल्का से किए जाने पर विचार चल रहा है।
यात्रा के दौरान बाइक रैली भी निकाली जाएगी। पार्टी की योजना इन यात्राओं को प्रदेश के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों तक ले जाने की है।
यात्राओं का समापन जालंधर में प्रस्तावित है। यहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बड़ी रैली को संबोधित कर सकते हैं। उनकी रैली 29 या 30 सितंबर को होने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि तारीख अभी अंतिम नहीं है।
यात्राओं के नेतृत्व के लिए एक दर्जन से अधिक केंद्रीय मंत्रियों, राष्ट्रीय पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी देने की तैयारी है। मंगलवार को नई दिल्ली में होने वाली बैठक में यात्रा के कार्यक्रम, तीन अन्य शहरों से निकलने वाली यात्राओं और अमित शाह की रैली की तारीख पर अंतिम निर्णय होने की संभावना है।
बैठक में प्रदेश प्रभारी डा सतीश पूनिया, प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों और प्रदेश संगठन मंत्री मंथरी श्रीनिवासुलु के शामिल होने की संभावना है। अमित शाह के भी बैठक में शामिल होने की उम्मीद है।

