कविता

बाल दिवस

  आया बाल दिवस बन ठन के, बच्चे भोले भाले सच्चे मन के, बचपन से करें फिर मुलाकात, चाचा नेहरू…

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तुलसी विवाह

हरी-भरी तुलसी खिली रहती मेरे आंगन मनभावन, बारहों मास बरसे सुख का अमृत”आनंद” सावन । प्रतिदिन सुबह शाम धूप, दीप,…

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काफी बरसों पहले पढ़ा था..

पोथी पढ़-पढ़ जग मुआ पंडित भया न कोय। ढाई अक्षर प्रेम के, पढ़े सो पंडित होय॥ महापुरुषों की गूढ भाषा…

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करवाचौथ 

  कार्तिक मास लाया त्योहारों की धूम, नर नारी सब हर्षित हुए नाचे गाए झूम, कार्तिक कृष्ण पक्ष करवा चौथ…

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 मुझे जीत लेती हो तुम

एक चकोर उस चांद और चांदनी का बड़ा दिवाना हैं, रात की कली ने जिसको अपना सब कुछ माना है,…

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कत्ल हुए सब कायदे

  -डॉ. सत्यवान सौरभ मुकरे होंगे लोग कुछ, देकर स्वयं जुबान। तभी कागजों पर टिके, रिश्ते और मकान।। जिनपे धन-तन-मन,…

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“मैंने भी देखा है”

 विजय सिंह! बलिया (उत्तर प्रदेश) मैंने भी देखा है, किसी डूबते हुए को, उबरते हुए! बिखरे हुए को, संभलते हुए!…

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जानकारी और ज्ञान

      डॉ. सतीश “बब्बा”   मृत्यु सत्य है, यह जानना जानकारी है, मृत्यु सत्य है, याद रखना ज्ञान…

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शेरावाली दातिए

शेरावाली दातिए शेरो वाली दातिए, सुन ले पुकार, आए हम शरण तिहारी करदे उद्दार…… जय जय मां जय जय मां…

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भारत जैसा देष ना कोई

सारी दुनियां घूम के आए भारत जैसा देश ना कोई। इस की माटी यह समझाए भारत जैसा देश ना कोई।…

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