
रायपुर: महात्मा गांधी के ऐतिहासिक नमक सत्याग्रह की तर्ज पर अब छत्तीसगढ़ कांग्रेस बढ़ती महंगाई और चीनी की कीमतों के खिलाफ चीनी सत्याग्रह करने जा रही है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 4 सितंबर को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में एक साथ प्रदर्शन करने का ऐलान किया है. वहीं भाजपा ने इसे मुद्दाविहीन कांग्रेस का नया राजनीतिक प्रयोग करार दिया है. स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है और वह जानबूझकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है.
‘चीनी के दाम राष्ट्रीय बाजार की मांग से तय’
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि चीनी के दाम राष्ट्रीय स्तर पर बाजार की परिस्थितियों के अनुसार तय होते हैं. मांग और आपूर्ति के नियम के आधार पर कीमतों में उतार-चढ़ाव आता है. उन्होंने कहा कि इस वर्ष गन्ने की पैदावार कम होने के कारण चीनी का उत्पादन भी प्रभावित हुआ है. स्वाभाविक रूप से जब उत्पादन कम होगा, तो बाजार में कीमतों पर असर पड़ेगा और दाम बढ़ सकते हैं.
दाम जल्द कम होने का दावा
श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार स्थिति की मॉनिटरिंग कर रही है और करों को लेकर भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि चीनी के दाम पूरी तरह बेलगाम हो चुके हैं और कीमतों में अब काफी हद तक स्थिरता आई है.मंत्री ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीनी की कीमतों पर विशेष नजर रखे हुए हैं और आने वाले समय में इसके दामों में कमी आने की संभावना है.
कांग्रेस मुद्दाविहीन हो चुकी है: स्वास्थ्य मंत्री
कांग्रेस के चीनी सत्याग्रह पर हमला बोलते हुए श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि कांग्रेस मुद्दाविहीन हो चुकी है. उन्होंने कहा कि पार्टी जिस तरह से महंगाई और चीनी के मुद्दे पर राजनीतिक नरेटिव तैयार करने की कोशिश कर रही है, उसे पहले अपने इतिहास पर भी नजर डालनी चाहिए.
इंदिरा-राजीव का कार्यकाल याद दिलाया
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में भी चीनी के दामों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई थी. इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के कार्यकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 90 के दशक में महंगाई और चीनी-तेल की कीमतों को लेकर राजनीतिक नारे भी प्रचलित थे. जायसवाल ने कहा कि कांग्रेस को आत्मचिंतन करना चाहिए. जानकार होने के बावजूद अनजान बनने और देश-प्रदेश की जनता को गुमराह करने के अलावा कांग्रेस के पास कोई दूसरा एजेंडा नहीं है.
महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का चीनी सत्याग्रह
दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 4 सितंबर को पूरे प्रदेश में चीनी सत्याग्रह करने की घोषणा की है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि महात्मा गांधी ने अंग्रेजों के खिलाफ नमक सत्याग्रह किया था, उसी तरह कांग्रेस अब बढ़ती महंगाई और चीनी के दामों के खिलाफ जनता के साथ खड़ी होकर सत्याग्रह करेगी. दीपक बैज ने 29 अगस्त को जगदलपुर में आयोजित कांग्रेस की पत्रकार वार्ता के दौरान इस आंदोलन का ऐलान किया था.
जिला मुख्यालयों में महापुरुषों की प्रतिमाओं के सामने सत्याग्रह
प्रदेश कांग्रेस की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, सभी जिला कांग्रेस कमेटियों को अपने-अपने जिला मुख्यालयों में किसी महापुरुष की प्रतिमा के सामने सत्याग्रह आयोजित करने को कहा गया है. कांग्रेस कार्यकर्ता चीनी की बढ़ती कीमतों, बाजार में उपलब्धता से जुड़ी समस्याओं और कथित कालाबाजारी के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे.
कांग्रेस ने चीनी को बनाया महंगाई के खिलाफ प्रतीक
कांग्रेस का कहना है कि आम लोगों के दैनिक जीवन से जुड़ी वस्तुओं की बढ़ती कीमतें सीधे तौर पर घरेलू बजट को प्रभावित कर रही हैं. इसी मुद्दे को केंद्र में रखते हुए पार्टी ने चीनी को महंगाई के खिलाफ अपने आंदोलन का प्रतीक बनाया है. कांग्रेस ने कहा कि दैनिक जरूरत की वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि और चीनी की उपलब्धता से जुड़ी समस्याओं को लेकर जनता में चिंता है.
प्रदेशभर में एक साथ प्रदर्शन
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जिला इकाइयों को निर्देश दिया है कि कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस कमेटी, जिला कांग्रेस कमेटी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, अग्रिम संगठन, विभिन्न विभागों और प्रकोष्ठों के पदाधिकारी सक्रिय रूप से शामिल हों. इसके अलावा निर्वाचित प्रतिनिधियों, वरिष्ठ नेताओं और सभी स्तर के कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.


