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मुख्यमंत्री सैनी ने पंजाब के युवाओं से संवाद किया, पारदर्शी रोजगार और कौशल विकास पर दिया जोर

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को सरकारी आवास संत कबीर कुटीर पर पहुंचे पंजाब के युवाओं से संवाद किया। इस दौरान शासन, नीति और रोजगार से जुड़े अवसरों पर चर्चा हुई। सुशासन और मेरिट आधारित माडल को विकास का आधार बताते हुए मुख्यमंत्री ने पारदर्शी रोजगार नीति पर जोर दिया, ताकि योग्य युवाओं को निष्पक्ष अवसर मिल सकें।

मुख्यमंत्री ने कौशल विकास को भविष्य की जरूरत बताते हुए कहा कि प्रशिक्षण, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देकर युवा शक्ति को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। हरियाणा और पंजाब केवल पड़ोसी राज्य नहीं, बल्कि एक ही संस्कृति, परंपरा और विरासत की दो सशक्त धाराएं हैं।

हरियाणा सरकार ने ‘बिना खर्ची–बिना पर्ची’ की नीति को सख्ती से लागू करते हुए योग्यता के आधार पर युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। जिन थाना क्षेत्रों में नशे की गतिविधियां अधिक पाई जाती हैं, वहां संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए उनकी संपत्तियां भी अटैच की जा रही हैं।

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार बुजुर्गों को 3200 रुपये मासिक पेंशन प्रदान कर रही है, जबकि पंजाब में यह राशि 1500 रुपये है। पंजाब में जहां 60 हजार रुपये वार्षिक आय तक पेंशन का प्रविधान है, वहीं हरियाणा में यह सीमा तीन लाख रुपये तक रखी गई है।

हरियाणा में विदेश सहयोग विभाग की स्थापना कर युवाओं को सुरक्षित, पारदर्शी और सम्मानजनक तरीके से विदेश में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही वैध माध्यमों से युवाओं को विदेश भेजने की व्यवस्था भी सरकार द्वारा की जा रही है।

उन्होंने विदेश जाने के नाम पर युवाओं के साथ होने वाली धोखाधड़ी और ‘डंकी रूट’ जैसी गलत प्रवृत्तियों पर चिंता व्यक्त की।

स्वास्थ्य योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत और चिरायु योजना के तहत लाखों लोगों को लाभ मिला है। अब तक लगभग एक करोड़ पचास लाख कार्ड जारी किए जा चुके हैं और 4500 करोड़ रुपये तक के क्लेम सरकार द्वारा दिए गए हैं।

राज्य में खेल नर्सरियों, खेल अकादमियों और व्यायामशालाओं की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि शहीद भगत सिंह, सुखदेव और लाला लाजपत राय जैसे महान क्रांतिकारियों ने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र के लिए समर्पित कर दिया, ताकि आने वाली पीढ़ियां सुख और चैन से जीवन जी सकें। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इन महान आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें।

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